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वित्त मंत्री ने NMP 2.0 का अनावरण किया: ₹16.72 लाख करोड़ के मुद्रीकरण लक्ष्य के साथ नई आर्थिक पहल

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इसका मकसद वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 के बीच केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की संपत्तियों के मुद्रीकरण से सरकार के लिए पूंजी जुटाना है

Last Updated- February 23, 2026 | 10:56 PM IST
Nirmala Sitharaman

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी 2.0) के दूसरे चरण का अनावरण किया। इसके तहत सरकार ने संपत्तियों के मुद्रीकरण के जरिये 16.72 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसका मकसद वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 के बीच केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की संपत्तियों के मुद्रीकरण से सरकार के लिए पूंजी जुटाना है।

सीतारमण ने कहा कि एनएमपी से उत्पादक सार्वजनिक संपत्तियों का पुनर्चक्रण होता है, जिससे नई परियोजनाएं और पूंजीगत खर्च में निवेश के लिए संसाधन मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यह तरीका सार्वजनिक संपत्तियों में पूंजीगत खर्च के लिए पैसे जुटाने में मदद करता है, साथ ही सरकार पर बोझ भी नहीं पड़ता है।

नीति आयोग के मुख्य कार्याधिकारी बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि एनएमपी 2.0 में राजमार्ग, बिजली, बंदरगाह और रेलवे की परियोजनाएं शामिल हैं। इससे राज्यों और केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों की 2,000 से ज्यादा संपत्तियों में निजी भागीदारी आएगी। आयोग ने कहा कि एनएमपी 2.0 के अनुमान में पहली बार 5 साल में 5.8 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश शामिल है।

एनएमपी के दूसरे संस्करण में संपत्ति मुद्रीकरण में कुछ समय के लिए संपत्तियों का हस्तांतरण, अतिरिक्त पूंजी के लिए सूचीबद्ध कंपनियों के कुछ हिस्सों का विनिवेश नकद प्रवाह का प्रतिभूतिकरण आदि शामिल हैं।

नीति आयोग ने कहा है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2026 में संपत्ति मुद्रीकरण से 2.49 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है लेकिन इसमें लगभग 2 लाख करोड़ रुपये ही मिलने की उम्मीद है।

दूसरे एमएनपी में राजमार्ग से एक-चौथाई से अधिक हिस्सा जुटाया जाएगा। इसके अलावा पिछले चरण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों जैसे बंदरगाह, कोयला और खनिज से भी बड़ी राशि मिलने की संभावना है।

रेलवे पहली राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना (एनएमपी) में अपने लक्ष्य का केवल 29 फीसदी ही जुटा पाया था। इसके बावजूद एनएमपी 2.0 में रेलवे को 2.62 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है। इसमें सात सूचीबद्ध रेलवे पीएसयू में सरकारी हिस्सेदारी घटाने के लिए 83,700 करोड़ रुपये का लक्ष्य भी शामिल है।

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First Published - February 23, 2026 | 10:39 PM IST

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