जेफरीज ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नॉलजीज (एचसीएलटी) और एम्फैसिस को ‘होल्ड’ रेटिंग दी है जबकि एलटीआई माइंडट्री, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और हेक्सावेयर को एआई से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए ‘अंडरपरफॉर्म’ कर दिया है। हालांकि, कोफोर्ज, सैजिलिटी और आईकेएस अभी भी उनकी मुख्य पसंद बने हुए हैं।
वैश्विक शोध और ब्रोकिंग हाउस ने आईटी फर्मों के लिए अपनी कमाई के अनुमान में 1-4 फीसदी की कटौती की है और उसे वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान 6 प्रतिशत सीएजीआर की कमाई की उम्मीद है। इनमें से, कोफोर्ज, सैजिलिटी और आईकेएस के इस अवधि में ज्यादा राजस्व वृद्धि की वजह से 19-25 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है।
जेफरीज ने कहा है कि आईटी कंपनियों को समय के अनुरूप बदलना चाहिए, लेकिन उनके ग्राहक के साथ होने वाले समझौते संरचनात्मक रूप से सलाहकार और कार्यान्वयन की ओर केंद्रित हो सकते हैं और एप्लिकेशन मैनेज्ड सर्विसेज (राजस्व का 22-45 प्रतिशत) में बड़ा राजस्व दबाव देखा जा सकता है। उसने कहा कि इस दबाव की सीमा और समय, एआई टूल्स के बेहतर होने के साथ और बढ़ने की आशंका है।
जेफरीज के अक्षत अग्रवाल और आयुष बंसल ने हाल में एक नोट में लिखा, ‘परामर्श और कार्यान्वयन समझौतों की बढ़ती हिस्सेदारी न केवल राजस्व वृद्धि में चक्रीयता को बढ़ाएगी, बल्कि प्रतिभा रणनीति और संचालन मॉडल में भी बदलाव की मांग करेगी। संचालन मॉडल में इस तरह के बदलावों को क्रियान्वित करना आसान नहीं है और निवेशकों को पीई मल्टीपल में इस जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए।’
इस बीच, एक्सचेंजों में, आईटी शेयरों ने कैलेंडर वर्ष 2026 में कमजोर प्रदर्शन किया है। निफ्टी आईटी सूचकांक कैलेंडर वर्ष 2026 में 15 फीसदी से ज्यादा गिरा है, जबकि इस दौरान निफ्टी 50 में लगभग 2 प्रतिशत गिरावट आई।
जेफरीज का मानना है कि मौजूदा भाव पर आईटी शेयर वित्त वर्ष 2026-36 में बड़ी आईटी फर्मों के लिए (रुपये के संदर्भ में) 6-14 प्रतिशत राजस्व सीएजीआर और मझोले आकार की आईटी फर्मों के लिए 9-17 प्रतिशत सीएजीआर दर्शा रहे हैं, जिसमें टर्मिनल वृद्धि दर 4 फीसदी (विप्रो) से 7 फीसदी (आईकेएस) तक है।
उसने कहा है कि ये वृद्धि दर सैजिलिटी, हेक्सावेयर और आईकेएस के लिए वित्त वर्ष 2016-26ई में वृद्धि दर से 6-12 प्रतिशत कम हैं, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएलटेक, कोफोर्ज के लिए वित्त वर्ष 2016-26 की वृद्धि दर से 3 प्रतिशत कम हैं, लेकिन विप्रो और टेक महिंद्रा के लिए 1-2 फीसदी ज्यादा हैं।
जेफरीज का मानना है कि आईटी कंपनियों के लिए आगे चलकर लंबे समय तक राजस्व वृद्धि को पिछले दशक के अनुरूप बनाए रखना सबसे अच्छी स्थिति होगी। वहीं सबसे खराब स्थिति में, वित्त वर्ष 2026-31 में राजस्व सीएजीआर 3 प्रतिशत कम (15 फीसदी कुल गिरावट) हो सकती है, जिसके बाद वित्त वर्ष 2031 के बाद कोई वृद्धि नहीं होगी।
जेफरीज ने कहा कि सबसे अच्छी स्थिति में, इन्फोसिस, एचसीएलटी और टीसीएस के साथ बड़ी आईटी फर्मों के लिए पीई मल्टीपल्स 14-22 गुणा के बीच हो सकते हैं, जो लगभग 15 फीसदी रीरेटिंग की संभावना का संकेत दे रहे हैं, और हेक्सावेयर के साथ मझोले आकार की आईटी फर्मों के लिए 23-42 गुणा हो सकते हैं, जो 35-45 प्रतिशत रीरेटिंग का अनुमान है।