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Mexico Cartel Leader Killed: ड्रग किंग के मारे जाते ही मेक्सिको में हाहाकार, भारतीयों को घरों में रहने की सलाह

मेक्सिको में ‘एल मेंचो’ के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद कई राज्यों में हिंसा फैल गई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- February 23, 2026 | 12:55 PM IST

El Mencho Death: Mexico में कुख्यात ड्रग माफिया सरगना ‘एल मेंचो’ की सैन्य कार्रवाई में मौत के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी। हालात को देखते हुए United States और India समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और प्रभावित इलाकों में घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एल मेन्चो कौन था और उसका प्रभाव कितना बड़ा था।

असली नाम और आपराधिक सफर

‘एल मेंचो’ का वास्तविक नाम Nemesio Oseguera Cervantes था। वह मेक्सिको के सबसे खतरनाक और प्रभावशाली ड्रग कार्टेल नेताओं में गिना जाता था। उसकी उम्र 59 वर्ष थी और वह पश्चिमी मेक्सिको के राज्य Michoacán का रहने वाला था।

उसका आपराधिक नेटवर्क से जुड़ाव तीन दशक से भी अधिक समय तक रहा। वर्ष 1994 में उसे अमेरिका में हेरोइन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहां उसने लगभग तीन वर्ष जेल में बिताए। सजा पूरी करने के बाद वह दोबारा मेक्सिको लौट आया और संगठित अपराध की दुनिया में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत करने लगा।

CJNG की स्थापना और विस्तार

करीब 2009 में उसने Jalisco New Generation Cartel की स्थापना की, जिसे संक्षेप में CJNG कहा जाता है। कुछ ही वर्षों में यह संगठन मेक्सिको के सबसे शक्तिशाली और हिंसक ड्रग कार्टेल में बदल गया।

इस गिरोह ने कोकीन, मेथामफेटामिन और फेंटेनाइल जैसे मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। इसके अलावा अमेरिका की ओर अवैध रूप से प्रवासियों को पहुंचाने में भी इसकी भूमिका बताई जाती रही है। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार CJNG ने ड्रग आपूर्ति की वैश्विक श्रृंखला में महत्वपूर्ण स्थान बना लिया था।

हिंसक छवि और बड़े हमले

CJNG अपनी क्रूर कार्यशैली के लिए बदनाम रहा है। वर्ष 2015 में इस संगठन ने मेक्सिको की सेना के एक हेलीकॉप्टर को निशाना बनाकर गिरा दिया था, जिससे उसकी ताकत का अंदाजा लगाया गया। इसके अलावा राजधानी Mexico City में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला करने की कोशिश भी इसी गिरोह से जोड़ी गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि एल मेन्चो के नेतृत्व में CJNG ने न केवल ड्रग तस्करी बल्कि हथियारों के अवैध व्यापार और स्थानीय स्तर पर जबरन वसूली जैसे अपराधों में भी अपनी जड़ें जमा ली थीं।

El Mencho Death: मौत के बाद तनाव क्यों बढ़ा

एल मेन्चो की मौत को मेक्सिको के ड्रग युद्ध में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी सफलता है, लेकिन उसके समर्थकों और गिरोह के अन्य धड़ों की प्रतिक्रिया ने कई क्षेत्रों में अस्थिरता बढ़ा दी है।

विश्लेषकों का कहना है कि किसी बड़े कार्टेल सरगना की मौत के बाद अक्सर सत्ता संघर्ष शुरू हो जाता है, जिससे हिंसा की आशंका बढ़ जाती है। यही कारण है कि विभिन्न देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

एल मेन्चो का अंत भले ही हो गया हो, लेकिन मेक्सिको में ड्रग कार्टेल की चुनौती अभी भी गंभीर बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि CJNG का नेतृत्व कौन संभालता है और इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ता है।

मेक्सिको में सुरक्षा बलों ने कुख्यात ड्रग सरगना नेमेसियो ओसेगेरा सर्वांतेस उर्फ El Mencho के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। यह ऑपरेशन जालिस्को प्रांत के तपल्पा शहर में अंजाम दिया गया, जहां उसे पकड़ने के लिए सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की।

कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन

सूत्रों के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर मेक्सिकन बलों ने तपल्पा में घेराबंदी की। जैसे ही सुरक्षाबल लक्ष्य तक पहुंचे, कार्टेल के हथियारबंद सदस्यों ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। कई घंटों तक चली मुठभेड़ में चार गैंग सदस्य मौके पर ही मारे गए।
ओसेगेरा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे दो अन्य सहयोगियों के साथ हवाई मार्ग से मेक्सिको सिटी इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

इस कार्रवाई में तीन मेक्सिकन सैनिक भी घायल हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पिछले लगभग एक दशक में कार्टेल के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे पहले 2016 में कुख्यात ड्रग तस्कर Joaquín ‘El Chapo’ Guzmán की दोबारा गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना गया था।

El Mencho Death के बाद कई राज्यों में भड़की हिंसा

जैसे ही ‘एल मेंचो’ की मौत की खबर फैली, उसके संगठन से जुड़े गुर्गों ने कई इलाकों में हिंसक प्रतिक्रिया दी। अलग अलग राज्यों में बसों और वाहनों को आग के हवाले किया गया, सड़कों पर अवरोध लगाए गए और सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं।

मेक्सिको का दूसरा सबसे बड़ा शहर Guadalajara भी तनाव की चपेट में आ गया। एहतियात के तौर पर कई स्कूलों को बंद कर दिया गया और लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, हिंसा कम से कम पांच राज्यों तक फैल गई। हालात को देखते हुए पड़ोसी देश Guatemala ने भी अपनी सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

अमेरिका का दबाव और संयुक्त खुफिया सहयोग

‘एल मेंचो’ अमेरिका की वांछित अपराधियों की सूची में शीर्ष पर था। उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित था।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब Donald Trump प्रशासन की ओर से मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल के खिलाफ सख्त कदम उठाने का दबाव बनाया जा रहा था। यहां तक कि संभावित टैरिफ और एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।

दोनों देशों ने पुष्टि की है कि इस ऑपरेशन में खुफिया सूचनाओं का साझा इस्तेमाल किया गया, जिससे अभियान को सफलता मिली।

अब कार्टेल का भविष्य क्या होगा

‘एल मेंचो’ जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल का मुखिया था। यह संगठन मेक्सिको के आधे से ज्यादा राज्यों में सक्रिय माना जाता है और अमेरिका समेत कई देशों में इसकी मजबूत पकड़ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उसकी मौत के बाद नेतृत्व को लेकर आंतरिक संघर्ष की स्थिति बन सकती है। सत्ता का खाली स्थान अक्सर हिंसा को जन्म देता है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और अस्थिर हो सकते हैं।

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी

हिंसा के मद्देनजर Embassy of India in Mexico ने मेक्सिको में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया है। दूतावास ने जालिस्को राज्य के प्यूर्टो वल्लार्टा, चापाला और ग्वाडलाहारा समेत तमाउलिपास, मिचोआकान, गुरेरो और नुएवो लियोन के प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से फिलहाल घरों में ही रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है।

इसी तरह United States Department of State ने भी अमेरिकी नागरिकों को प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

स्थिति पर नजर

मेक्सिको की सुरक्षा एजेंसियां हालात को काबू में करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े कार्टेल सरगना की मौत के बाद तात्कालिक शांति स्थापित करना आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संगठन का नया नेतृत्व कौन संभालता है और क्या इससे हिंसा कम होगी या और बढ़ेगी।

First Published : February 23, 2026 | 11:28 AM IST