प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भारत का 283 अरब डॉलर का सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा उद्योग अपने सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण बदलाव से एक से गुजर रहा है, जो एआई में तेजी से हो रही तरक्की की वजह से हो रहा है। अगले दो दिनों में, उद्योग के दिग्गज 36वें नैसकॉम टेक्नॉलजी लीडरशिप फोरम (एनटीएलएफ) में एकत्रित होंगे और इस क्षेत्र को नया आकार देने वाले बदलावों तथा जरूरी और महत्त्वपूर्ण जवाबों पर चर्चा होगी।
पिछले कुछ सप्ताहों में बड़ी आई कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ा है क्योंकि एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों की घोषणाओं के बाद मूल्यांकन बदले हैं। इन कंपनियों ने ऐसे टूल पेश किए हैं जो पारंपरिक ऐप्लीकेशन सर्विस डिलीवरी मॉडल पर असर डाल सकते हैं।
इस साल अब तक निफ्टी आईटी सूचकांक करीब 14 फीसदी गिरा है, जो निफ्टी 50 से 12 प्रतिशत अंक कम है। जेफरीज इक्विटी रिसर्च के मुताबिक, तीसरी तिमाही के नतीजों से ज्यादातर आईटी फर्मों के आय अनुमान बढ़ाए गए हैं, लेकिन हाल के एआई-आधारित घटनाक्रम ने इस क्षेत्र की मध्यावधि से दीर्घावधि वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे 27 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। ब्रोकरेज ने कहा कि शेयरों का प्रदर्शन अब अल्पावधि आय के बजाय दीर्घावधि बिजनेस आउटलुक से ज्यादा जुड़ा होने की संभावना है।
मैकिंसे और नैसकॉम की 2025 फ्यूचर ऑफ टेक्नॉलजी सर्विसेज 2030 रिपोर्ट के अनुसार 13 प्रमुख टेक्नॉलजी दुनिया को नया आकार देने को तैयार हैं, अर्थव्यवस्था, उद्योग और समाज में बड़ा बदलाव लाएंगी और 2030 तक 25–45 लाख करोड़ डॉलर की आर्थिक वैल्यू पैदा करेंगी। 2025–27 के बीच, एआई क्रांति (एआई और एजेंटिक एआई) मुख्य बिंदु होगी।
2027-30 तक, अत्याधुनिक इंजीनियरिंग डोमेन (बायोइंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, सस्टेनेबल एनर्जी, मोबिलिटी) को एआई और कनेक्टिविटी की नींव पर निर्माण करते हुए तेजी आने की उम्मीद है। 2030 के बाद, इमर्सिव, क्वांटम और स्पेस टेक्नॉलजी के साथ-साथ इन मोर्चों का व्यापक इस्तेमाल बढ़ने की संभावना है, जो वैश्विक बदलाव की अगली प्रमुख लहर स्थापित करेगा।
नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने हाल में बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में नई प्रौद्योगिकियों की वजह से उत्पादकता और प्रदर्शन में सुधार की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा, ‘जब हम पारंपरिक आईटी सेवा परिदृश्य को देखते हैं (जिसमें ज्यादातर आईटी सेवा फर्में काम करती हैं) तो असलियत बहुत अलग दिखती है। ये बहुत जटिल एवं बारीकियों से जुड़ी प्रणालियां होती हैं।’