आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शीर्ष प्रबंधन और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के बाद बैंक ने कहा कि वह राज्य सरकार के 590 करोड़ रुपये की बकाया रकम का भुगतान जल्द से जल्द करेगा। घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
निजी क्षेत्र के ऋणदाता ने बीते रविवार को खुलासा किया था कि बैंक के चंडीगढ़ की एक शाखा में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला है। यह खाता राज्य सरकार से जुड़ा है। यह मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में अपना खाता बंद करने और पैसे दूसरे बैंक में भेजने की कोशिश की। मगर विभाग द्वारा बताई गई रकम खाते की शेष राशि के अनुरूप नहीं थी। हालांकि अब बैंक ने राज्य सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह शायद कल तक पूरी राशि का भुगतान कर देगा।
विश्लेषकों के साथ आज सुबह बातचीत में बैंक प्रबंधन ने कहा कि वे सभी सरकारी खातों को लेकर बहुत सजग हैं। उन्होंने कहा कि वे भुगतान करने सहित इसकी पूरी जिम्मेदारी लेंगे। बैंक ने इस धोखाधड़ी को एक अलग घटना बताया है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी भरोसा दिलाया कि यह मामला प्रणालीगत समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि यह धोखाधड़ी का एक अलग मामला है।
नई दिल्ली में केंद्रीय बैंक की बोर्ड बैठक के बाद मल्होत्रा ने कहा, ‘नीति के तौर पर हम किसी एक बैंक या नियामकीय इकाई पर टिप्पणी नहीं करते हैं। हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। लेकिन यह प्रणालीगत समस्या से जुड़ा जुड़ा मुद्दा नहीं है।’
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयर में दिन में करीब 20 फीसदी तक टूट गए थे मगर बाद में नुकसान थोड़ा कम हुआ और यह 16 फीसदी की गिरावट के साथ 70.04 रुपये पर बंद हुआ। इससे बैंक के बाजार पूंजीकरण में 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई।
विश्लेषकों के साथ बातचीत में बैंक प्रबंधन ने कहा कि वह एक तय सीमा से ज्यादा लेनदेन के लिए ग्राहक से पुष्टिकरण की व्यवस्था अनिवार्य करेगा और यह पुष्टि सत्यापित डिजिटल चैनल से मिलेगी।
बैंक के प्रबंधन ने बताया कि हरियाणा सरकार की जमा राशि बैंक के कुल 2.82 लाख करोड़ रुपये जमा का लगभग 0.5 फीसदी है। और इस घटना के बाद से हरियाणा सरकार के जमा से लगभग 200 करोड़ रुपये निकल चुके हैं। कुल मिलाकर राज्य और केंद्र सरकार की जमा राशि बैंक के कुल जमा का 8 से 10 फीसदी है। बैंक प्रबंधन ने कहा कि वह चेक पर हस्ताक्षर के शुरुआती सत्यापन के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करेगा।