प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
देश का होम ब्रॉडबैंड बाजार ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसे इस क्षेत्र के जानकारों द्वारा ‘आधार हासिल करना’ कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के बीच प्रतिस्पर्धा हर तिमाही बढ़ती ही जा रही है, जबकि वोडाफोन आइडिया इस क्षेत्र में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है, जिसमें 10 करोड़ से अधिक घरों की संभावना वाला बाजार है।
बाजार की अग्रणी कंपनी रिलायंस जियो ने फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए), यूनिवर्सल ब्रॉडबैंड (यूबीआर) और फाइबर की हाइब्रिड रणनीतिक के साथ देश की सबसे बड़ी होम ब्रॉडबैंड प्रदाता के तौर पर अपनी जगह मजबूत की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस दूरसंचार कंपनी ने दिसंबर में खत्म हुई तिमाही के दौरान 25 लाख होम ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े, जिससे कुल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 2.5 करोड़ हो गई।
दूसरी तरफ एयरटेल ने दिसंबर में खत्म हुई तिमाही के दौरान होम ब्रॉडबैंड क्षेत्र में अपने सबसे ज्यादा 20 लाख ग्राहक शामिल किए, जिससे कुल ग्राहकों की संख्या 1.3 लाख से कुछ ज्यादा हो गई और राजस्व में तिमाही आधार पर लगभग 34 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। कंपनी फाइबर और एफडब्ल्यूए की पैठ को और बढ़ा रही है तथा साथ ही साथ कंटेंट पेशकशों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और आईपीटीवी समेत सभी चैनलों पर विकास को बढ़ावा दे रही है।
एचएसबीसी इक्विटीज के एशिया दूरसंचार के प्रमुख पीयूष चौधरी ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि होम ब्रॉडबैंड भारतीय दूरसंचार परिचालकों के लिए विकास का अगला बडा अवसर होगा और वित्त वर्ष 30 तक ग्राहक 2.85 गुना बढ़कर 11.4 करोड़ हो जाएंगे, जो वित्त वर्ष 24 में लगभग 4 करोड़ थे।’ उन्होंने कहा कि फाइबर होम पास के साथ 5जी एफडब्ल्यूए कुल संभावित बाजार का विस्तार करने में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।
उपकरण की गिरती कीमतों के साथ-साथ कैरियर कंपनियों की इंस्टॉलेशन और वितरण क्षमताओं ने साल 2024 और 2025 के दौरान एफडब्ल्यूए की रफ्तार को बढ़ाया है। चौधरी ने कहा, ‘हमें लगता है कि भारत में दूरसंचार कंपनियां अपने बंडल होम ब्रॉडबैंड प्लान के साथ घरेलू मनोरंजन खर्च का हिस्सा हासिल करने के लिहाज से बेहतर स्थिति में हैं, जो समृद्ध कंटेंट पेशकश के साथ आते हैं। जियो और भारती एयरटेल को प्रमुख रूप से फायदा होने की संभावना है।’ एचएसबीसी का अनुमान है कि जियो वित्त वर्ष 30 तक 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल कर लेगी, जो वित्त वर्ष 25 में यह 36 प्रतिशत थी, जबकि एयरटेल इसी अवधि में अपनी हिस्सेदारी 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत कर सकती है।
बीएनपी परिबास सिक्योरिटीज के कुणाल वोरा ने नोट में कहा, ‘होम ब्रॉडबैंड वर्तमान में आधार हासिल करने वाले चरण में है।’ उम्मीद है कि 4जी से 5जी में अपग्रेड के अलावा होम पास कैरियर कंपनियों के समूचे प्रति उपयोगकर्ता राजस्व को बढ़ा देंगे।
जियो फाइबर, एफडब्ल्यूए 5जी के साथ-साथ गैर-लाइसेंस वाले ब्रॉडबैंड रेडियो या यूबीआर के संयोजन के साथ बाजार हिस्सेदारी हसिल करने दांव लगा रही है, जिसने नवंबर 2025 तक 12 महीनों में उसकी बाजार हिस्सेदारी को 800 आधार अंक बढ़ाकर 41 प्रतिशत करने में सक्षम बनाया है।
एयरटेल की तीन-तरफा होम ब्रॉडबैंड रणनीति में 1500 शहरों में फाइबर-टु-द-होम (एफटीटीएच) और 3,200 शहरों में एफडब्ल्यूए मौजूदगी को गहरा करना, कंटेंट पेशकशों पर ध्यान केंद्रित करना और चैनलों में विकास को बढ़ावा देना शामिल है।