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नवी मुंबई एयरपोर्ट पर नेटवर्क विवाद: कनेक्टिविटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को अनुमति दे एयरपोर्ट

यह ​स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि हवाईअड्डा ऑपरेटर ने दूरसंचार कंपनियों के लिए अपने इन-बिल्डिंग नेटवर्क का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया

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गुलवीन औलख   
Last Updated- February 18, 2026 | 10:51 PM IST

दूरसंचार विभाग ने नवी मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनएमआईएएल) से कहा है कि वह दूरसंचार कंपनियों को इस हवाई अड्डे पर अपने नेटवर्क स्थापित करने के लिए अनुमति प्रदान करे। दूरसंचार अधिनियम के नियमों के तहत यह अनुमति दी जा सकती है।

विभाग ने दूरसंचार अधिनियम के तहत राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियमों का अनुपालन करने के लिए कहा है। इसमें बताया गया है कि कोई भी हवाई अड्डा एक सार्वजनिक इकाई है। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब सैकड़ों यात्रियों ने नवी मुंबई हवाई अड्डे पर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी न होने की शिकायत की है।

यह ​स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि हवाईअड्डा ऑपरेटर ने दूरसंचार कंपनियों के लिए अपने इन-बिल्डिंग नेटवर्क का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया। मगर दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि उसके लिए शुल्क काफी अ​धिक है।

दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया है कि एनएमआईएएल दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत एक ‘सार्वजनिक इकाई’ है। उसने अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड से कहा है कि लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को हवाई अड्डा परिसर में नेटवर्क बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए आरओडब्ल्यू के तहत अनुमति दी जाए।

दूरसंचार अ​धिनियम और उससे संबं​धित नियमों का अनुपालन सुनि​श्चित करने के लिए दूरसंचार विभाग ने 16 फरवरी को अदाणी समूह की कंपनी को एक पत्र जारी किया था। यह पत्र दूरसंचार ऑपरेटरों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ​शिकायत के बाद लिखा गया था। ​शिकायत में एनएमआईएएल द्वारा सीधे दूरसंचार कंपनियों को आरओडब्ल्यू की अनुमति देने के बजाय उन्हें भारी शुल्क पर अपने इन-बिल्डिंग नेटवर्क का उपयोग करने के लिए बाध्य करने पर चिंता जताई गई थी।

पत्र में कहा गया है, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के अनुसार नवी मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट इस कानून के लिहाज से एक सार्वजनिक इकाई है।’ उस पत्र की एक प्रति बिज़नेस स्टैंडर्ड ने भी देखी है।

विभाग ने कहा कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत दूरसंचार (आरओडब्ल्यू) नियम, 2024 हवाई अड्डा परिसर के भीतर दूरसंचार नेटवर्क स्थापित करने की अनुमति देने के लिए एक वैधानिक ढांचा प्रदान करता है। साथ ही यह निर्धारित समयसीमा और कार्यों के भीतर आरओडब्ल्यू आवेदनों को बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निपटाए जाने को भी अनिवार्य करता है।

पत्र में कहा गया है, ‘उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए आपसे अनुरोध है कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 के प्रावधानों और अपने परिसर के भीतर आरओडब्ल्यू का अनुपालन सुनिश्चित करें। साथ ही इस वैधानिक ढांचे के तहत दूरसंचार बुनियादी ढांचे की स्थापना को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।’ एनएमआईएएल और एएएचएल ने इस संबंध में जानकारी के लिए बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा भेजे गए सवालों का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं दिया।

दूरसंचार कंपनियों का प्रतिनि​धित्व कर रहे सीओएआई ने दूरसंचार विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। उसका कहना था कि हवाईअड्डा ऑपरेटर ने नेटवर्क बुनियादी ढांचा और मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए हर महीने 92 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए कहा था।

First Published : February 18, 2026 | 10:46 PM IST