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वेनजुएला के तेल पर भारतीय रिफाइनर्स को मिलने वाली छूट रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय सीमा शुल्क के आंकड़ों और उद्योग अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय रिफाइनर वेनजुएला के भारी और ज्यादा सल्फर वाले कच्चे तेल ग्रेड पर अब तक की सबसे कम छूट पर सौदे कर रहे हैं।
वेनजुएला का मेरे (Merey) कच्चा तेल भारी, हाई सल्फर और एसिडिक किस्म का तेल है। ट्रेडरों के मुताबिक, इस तेल पर मिलने वाली छूट पहली बार 10 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गई है और यह 6.50 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई है। यह छूट पहले भारतीय रिफाइनरों को मिलने वाली छूट के मुकाबले करीब एक-तिहाई है। यह छूट ICE ब्रेंट बेंचमार्क के आधार पर और भारतीय बंदरगाहों तक डिलीवरी (delivered basis) के हिसाब से तय की जाती है।
2025 तक के पिछले एक दशक में वेनजुएला का कच्चा तेल (यूनिट-वैल्यू के आधार पर) आमतौर पर 12 से 19 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट पर ऑफर होता था। यह भारत के इंडियन क्रूड ऑयल बास्केट की औसत कीमत से कम रहता था।
इंडियन क्रूड ऑयल बास्केट में ज्यादातर दुबई बेंचमार्क पर आधारित हाई सल्फर ग्रेड शामिल होते हैं, और कुछ हल्के व कम सल्फर वाले ग्रेड ब्रेंट बेंचमार्क पर आधारित होते हैं।
भारतीय रिफाइनर्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि वेनजुएला के तेल को आर्थिक रूप से फायदे का सौदा बनाने के लिए छूट को और बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की ढुलाई लागत बहुत ज्यादा है। लंबे समुद्री सफर के कारण इन्वेंट्री लॉस का जोखिम बढ़ता है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका (वॉशिंगटन) भारतीय कंपनियों को वेनजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA से सीधे खरीद की अनुमति दे देता है, तो बेहतर सौदे मिल सकते हैं। उनके मुताबिक, फिलहाल Vitol और Trafigura जैसे बिचौलिए बिक्री पर भी मार्जिन कमा रहे हैं और फ्रेट (भाड़ा) पर भी, क्योंकि शिप की व्यवस्था वही करते हैं।