प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ की द्विपक्षीय वार्ता। फोटो: पीटीआई
भारत और फ्रांस ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के मुकाम तक पहुंचाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बढ़ते भू-राजनीतिक उथल-पुथल के मद्देनजर रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने का आज संकल्प लिया। उन्होंने सहमति जताई कि यह वैश्विक स्थिरता और दुनिया की प्रगति के लिए साझेदारी है।
फ्रांस के राष्ट्रपति की यह भारत की चौथी यात्रा है। भारत आगमन पर मुंबई में विशाल होर्डिंग के साथ उनका स्वागत किया गया। सुबह मुंबई पहुंचने के कुछ घंटों बाद ही मैक्रों को मरीन ड्राइव पर जॉगिंग करते हुए देखा गया।
दिन में मोदी और मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन में व्यापक सहयोग सहित 21 क्षेत्रों में समझौतों की घोषणा की गई। इस महीने की शुरुआत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद ने 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की मंजूरी दी है।
नवाचार, स्टार्टअप, दुर्लभ खनिज, कौशल विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। भारत और फ्रांस ने दोहरे कराधान से बचाव समझौते के प्रोटोकॉल संशोधन पर भी हस्ताक्षर किए।
रक्षा क्षेत्र में भारत और फ्रांस ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) और फ्रांस के सैफरन इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड डिफेंस के बीच संयुक्त उपक्रम की घोषणा की।
दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से कर्नाटक के बेंगलूरु के बाहरी इलाके में वेमागल में एयरबस एच125 हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन किया। दोनों देशों ने भारतीय सेना और फ्रांसीसी थल सेना प्रतिष्ठानों में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
मोदी और मैक्रों ने उन्नत साझेदारी और ‘होरिजन 2047 रोडमैप’ के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए विदेश मंत्रियों की वार्षिक वार्ता पर भी सहमति जताई। मैक्रों ने भारत और फ्रांस द्वारा संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने के बारे में कहा कि ‘कूटनीति में, इसका बहुत मतलब है।’
मोदी ने 2025 में पेरिस में एआई एक्शन समिट के लिए मैक्रों की मेजबानी को याद किया। उन्होंने फ्रांस को भारत के सबसे पुराने रणनीतिक भागीदारों में से एक बताया। मोदी ने कहा, ‘हम फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की व्यापकता को जोड़ रहे हैं।’