माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स के ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में शामिल होने को लेकर मंगलवार को अलग-अलग तरह की खबरें सामने आने से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। सरकारी सूत्रों ने उनके सम्मेलन में भाग नहीं लेने की जानकारी दी है, वहीं गेट्स फाउंडेशन का कहना है कि वह इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी गेट्स की भागीदारी पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। राष्ट्रीय राजधानी में ‘इंडिया इम्पैक्ट समिट’ का 16 से 20 फरवरी तक आयोजन किया जा रहा है।
‘एआई इम्पैक्ट समिट’ की आधिकारिक वेबसाइट पर वक्ताओं की सूची में गेट्स का नाम पहले शामिल था। इस सूची में प्रौद्योगिकी व उद्योग जगत के दिग्गज, नीति-निर्माता, संस्थापक एवं प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के नाम शामिल हैं। हालांकि, मंगलवार को सम्मेलन की वेबसाइट पर गेट्स का नाम नजर नहीं आया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि गेट्स एआई सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे। हालांकि, सूत्रों ने इसकी वजह नहीं बताई।
गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता ने कहा, ‘बिल गेट्स, एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। वह सम्मेलन को उनके लिए निर्धारित समय पर संबोधित करेंगे।’ वक्ताओं की सूची के अनुसार, बिल गेट्स को 19 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजकर 50 मिनट पर एआई इम्पैक्ट समिट को संबोधित करना था। हालांकि, अब उनका नाम सूची में नहीं है।
एआई सम्मेलन का नेतृत्व कर रहे सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाता सम्मेलन में गेट्स की भागीदारी के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों को सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने हालांकि एनवीडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेन्सेन हुआंग के अंतिम समय में सम्मेलन से हटने के कारणों का उल्लेख किया।
गेट्स की भागीदारी के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘मैं कई अन्य बातों की तरह यह भूल गया कि कौन भाग ले रहा है और कौन नहीं। यह लोगों की व्यक्तिगत पसंद है। मुझे इस पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है।’
सरकारी सूत्रों ने सुबह बताया कि यह फैसला अरबपति कारोबारी और यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े नए दस्तावेजों में गेट्स का नाम सामने आने से संबंधित है। प्रमुख प्रतिभागियों की सूची महीनों पहले ही तैयार कर ली गई थी जबकि एप्सटीन फाइल से जुड़े खुलासे हाल के सप्ताहों में हुए हैं। एप्सटीन के किसी भी पीड़ित ने हालांकि गेट्स पर कोई गलत काम करने का आरोप नहीं लगाया है, लेकिन अमेरिका के न्याय मंत्रालय द्वारा जारी दस्तावेजों में एप्सटीन का यह दावा शामिल है कि बिल गेट्स को एक यौन संचारित बीमारी हुई थी। गेट्स के प्रवक्ता ने इस दावे को ‘पूरी तरह बेतुका’ बताया है।