वित्त-बीमा

बिना सिबिल स्कोर के भी मिलेगा लोन: पहली बार कर्ज लेने वालों के लिए AI आधारित स्कोरिंग लाएगी सरकार

यह कदम औपचारिक ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और महिलाओं व कमजोर समुदायों के लिए सस्ती एवं सुलभ ऋण योजना तैयार करने के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है

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हर्ष कुमार   
Last Updated- February 17, 2026 | 11:18 PM IST

केंद्र सरकार ऐसे लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित क्रेडिट स्कोरिंग ढांचा तैयार करने पर विचार कर रही है, जिन्होंने पहले ऋण नहीं लिया है। यह पहल महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों तक ऋण पहुंच के दायरे को बढ़ाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, एआई आधारित ऋण आकलन प्रणाली का उद्देश्य विशेष रूप से पहली बार ऋण लेने वालों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन लोगों को तेज और समावेशी तरीके से ऋण उपलब्ध कराना है जो अब तक पारंपरिक बैंकिंग और कर्ज तंत्र से बाहर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव के तहत पारंपरिक क्रेडिट स्कोर के बजाय वैकल्पिक आंकड़ों का इस्तेमाल कर लोगों की ऋण चुकाने की क्षमता का आकलन किया जाएगा। इससे अधिक लोगों को संस्थागत ऋण प्रणाली के दायरे में लाने में मदद मिल सकती है।

यह कदम औपचारिक ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और महिलाओं व कमजोर समुदायों के लिए सस्ती एवं सुलभ ऋण योजना तैयार करने के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है। इसके साथ ही यूपीआई पर ऋण की सुविधा का बेहतर उपयोग करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। एक सूत्र ने कहा, ‘यूपीआई के माध्यम से छोटे और अल्पकालिक ऋण को सहज और त्वरित तरीके से उपलब्ध कराया जा सकता है।’

वर्तमान में निजी क्षेत्र के बैंक और लघु वित्त बैंक ऋण देने से पहले उधारकर्ता के क्रेडिट इतिहास की जांच सीआरआईएफ हाईमार्क और सिबिल जैसी एजेंसियों के माध्यम से करते हैं। ये एजेंसियां पुराने ऋण, भुगतान का रिकॉर्ड और अगर कोई डिफॉल्ट हो तो उसका ब्योरा रखती हैं। इन ब्यूरो से अच्छा क्रेडिट स्कोर मिलने पर यह संकेत मिलता है कि ऋण लेने वाला व्यक्ति समय पर ऋण चुकाने की क्षमता रखता है।

इस समय सरकार लक्षित वर्गों को समर्थन देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम-विद्यालक्ष्मी, पीएम स्वनिधि 2.0, स्टैंड-अप इंडिया 2.0 और पीएम विश्वकर्मा योजना शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य सूक्ष्म उद्यमों, स्वरोजगार और कमजोर वर्गों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

First Published : February 17, 2026 | 11:13 PM IST