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बिना इंटरनेट के भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, NPCI ला रहा है POS टर्मिनल के लिए NFC टैप एंड पे सुविधा

NPCI बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट की सुविधा ला रहा है। NFC तकनीक से 2,000 रुपये तक का पेमेंट अब POS मशीनों पर टैप करके हो सकेगा

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अजिंक्या कवाले   
Last Updated- July 20, 2026 | 10:17 PM IST

भारत में एक नई यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) क्षमता विकसित की जा रही है। इससे उस समय भी भुगतान करना संभव होगा जब ग्राहक के उपकरण या व्यापारी के पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल पर इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध न हो। इससे हवाई जहाजों और भूमिगत मेट्रो जैसी परिस्थितियों में भी भुगतान सुगम होगा। घटनाक्रम से अवगत कम से कम तीन लोगों ने इसकी जानकारी दी।

यूपीआई का संचालन करने वाले नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा इस वर्ष देश के प्रमुख व्यापारी टर्मिनल विनिर्माताओं के पीओएस उपकरणों को प्रमाणित करने की संभावना है ताकि ऑफलाइन यूपीआई भुगतान का उपयोग संभव हो सके। उपयोगकर्ता नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) तकनीक का उपयोग करके ऑफलाइन व्यापारी टर्मिनलों पर टैप ऐंड पे कर सकेंगे। लेनदेन की सीमा 2,000 रुपये तक होगी जिससे उपयोगकर्ताओं को वही अनुभव मिलेगा जो वे पहले से ही कार्ड-टैप के माध्यम से उड़ानों और अन्य ऑफलाइन सेटिंग में करते आए हैं।

यह पहला मौका नहीं है जब एनपीसीआई ने एनएफसी तकनीक का उपयोग किया है। वर्ष 2023 में एनपीसीआई ने यूपीआई लाइट एक्स पेश किया था ताकि दो एनएफसी सक्षम स्मार्टफोन के बीच ऑफलाइन लेनदेन संभव हो सके। अब जो क्षमता विकसित की जा रही है वह इसे पीओएस मशीनों तक विस्तारित करती है जिससे व्यापारी पहली बार ऑफलाइन भुगतान स्वीकार कर सकेंगे।

इस कदम से वास्तविक समय भुगतान प्रणाली और कार्ड नेटवर्क के बीच बचे हुए अंतिम अंतरालों में से एक को कम करने की उम्मीद है क्योंकि यह ऐसे लेनदेन को सक्षम करेगा।

एक फिनटेक कंपनी के जानकार व्यक्ति ने कहा, ‘पीओएस कंपनियों को ऑफलाइन सेटिंग में यूपीआई स्वीकार करने के लिए एनपीसीआई से प्रमाणन लेना होगा। प्रमाणन मिलने के बाद वे इसके ऊपर एक ऐप्लिकेशन बना सकते हैं।’ इस बारे में जानकारी के लिए एनपीसीआई को ईमेल किया गया मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया।

पीओएस टर्मिनल एक हार्डवेयर उपकरण है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए किया जाता है। जैसे डेबिट और क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट आदि। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, ‘यह यूपीआई ऐप्स के लिए एनएफसी आधारित उपयोग मामला है। आप ऐप का उपयोग करके टैप करेंगे। भले ही टर्मिनल ऑफलाइन हो, आप 2,000 रुपये तक भुगतान कर सकते हैं। यह प्राधिकरण को कैप्चर करेगा और नेटवर्क बहाल होने पर बाद में सत्यापन के लिए भेजेगा।’

उस व्यक्ति ने यह भी कहा कि बैंकों और यूपीआई थर्ड-पार्टी भुगतान प्रदाताओं में भी इस सुविधा को अपनी ऐप्स में सक्षम करने का काम चल रहा है।

पहले उद्धृत व्यक्ति के अनुसार ग्राहक अपने उपकरण पर मौजूद यूपीआई लाइट वॉलेट खाते में पैसे रख कर सकेंगे ताकि वे ऐसे वातावरण में लेनदेन कर सकें जहां उनका उपकरण और स्वीकृति उपकरण दोनों ऑफलाइन हों।

एनएफसी का उपयोग करके टैप-टू-पे सुविधा का मतलब होगा कि उपयोगकर्ता बिना मोबाइल पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (एमपिन) डाले लेनदेन कर सकेंगे।

First Published : July 20, 2026 | 10:11 PM IST