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Amazon का मास्टरप्लान: भारत में AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे 35 अरब डॉलर

एमेजॉन द्वारा भारत में एआई आधारित डिजिटलीकरण और निर्यात वृद्धि हेतु 35 अरब डॉलर के निवेश के साथ महाराष्ट्र एवं तेलंगाना में डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे

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उदिशा श्रीवास्तव   
Last Updated- February 17, 2026 | 10:42 PM IST

एमेजॉन के मुख्य ग्लोबल अफेयर्स ऐंड लीगल ऑफिसर डेविड जापोल्स्की का मानना है कि भारत अपने आकार, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और उद्यमशीलता के तंत्र के कारण एआई का लाभ उठाने के लिहाज से मजबूत स्थिति में है। कंपनी अपने सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक भारत में एआई आधारित रणनीति में तेजी ला रही है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के मौके पर उदिशा श्रीवास्तव के साथ साक्षात्कार में जापोल्स्की ने बताया कि एमेजॉन तेजी से हो रहे एआई नवाचार को बदलते नियामकीय नियमों के साथ कैसे संतुलित कर रही है और कंपनी का 2030 तक 35 अरब डॉलर का निवेश लक्ष्य किस तरह से भारत में एआई से चलने वाले डिजिटलीकरण, निर्यात और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा। बातचीत के मुख्य अंश:

आप वर्ष 1999 से एमेजॉन के लीगल सेटअप से जुड़े हैं। इन वर्षों में एमेजॉन की मौजूदगी वाले अलग-अलग इलाकों और खासकर भारत में नियामकीय माहौल कैसे बदला है?

1999 में एमेजॉन में शामिल होने के बाद से हमने देखा है कि विभिन्न क्षेत्रों के नियामकों ने डिजिटल कॉमर्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और अब एआई के तेजी से विकास के साथ अपने दृष्टिकोण को विकसित किया है। विश्व स्तर पर, व्यापक दृष्टिकोण से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट ढांचों में बदलाव आया है। डेटा सुरक्षा, प्रतिस्पर्धा, उपभोक्ता संरक्षण और एआई गवर्नेंस प्रत्येक के अपने नियामकीय ढांचे हैं। आजकल सरकारें इस बात पर ध्यान देती हैं कि इनोवेशन जिम्मेदारी से हो और निजता, सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर मजबूत सुरक्षा उपाय हों। भारत इस वैश्विक बदलाव को दर्शाता है।

एमेजॉन के सरकार के साथ कई बार टकराव हुए हैं। यह आपको कैसे प्रभावित करता है?

हमने 2024 तक भारत में 40 अरब डॉलर का निवेश किया है और अन्य 35 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना है। ये आंकड़े भारत की डिजिटल इकॉनमी और उस पर निर्भर ग्राहकों के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दर्शाते हैं। टेक्नॉलजी बदलाव के जवाब में सरकारें वैश्विक स्तर पर नियामकीय विकास पर जोर दे रही हैं। भारत में, हमारा फोकस एक जैसा रहा है- ग्राहकों को बेहतर सेवा देना, विक्रेताओं को आगे बढ़ने में मदद करना और देश की डिजिटल इकॉनमी को सपोर्ट करने वाले दीर्घावधि इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करना।

एमेजॉन क्लाउड, ई-कॉमर्स और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर में काम करती है। अगले पांच वर्षों में भारत में आप सबसे बड़ा एआई-आधारित बदलाव कहां देख रहे हैं?

भारत अपने आकार, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और उद्यमशीलता इकोसिस्टम के कारण एआई का लाभ हासिल करने के लिहाज से मजबूत स्थिति में है। अगले पांच वर्षों में, हम बड़े एआई-आधारित बदलाव देखने की उम्मीद कर रहे हैं। एआई पहले से ही एमेजॉन के संचालन में शामिल है। एमेजॉन की एआई-समर्थित क्षमताएं विक्रेताओं को कार्यों और व्यावसायिक चुनौतियों से निपटने, ग्राहक अनुभव बढ़ाने, विक्रेता की सफलता में मदद करने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करती हैं। विश्व स्तर पर 13 लाख से अधिक विक्रेता एमेजॉन के जेनरेटिव एआई लिस्टिंग टूल्स का उपयोग करते हैं।

एमेजॉन ने एआई इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए 2030 तक भारत में 35 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। उस पर क्या प्रगति है?

यह निवेश तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर आधारित है- एआई-संचालित डिजिटलीकरण, निर्यात वृद्धि और नौकरी सृजन। हम डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं, महाराष्ट्र और तेलंगाना में डेटा सेंटर बना रहे हैं जो विशेष रूप से एआई, मशीन लर्निंग और अगली पीढ़ी के क्लाउड ऐप्लीकेशन के लिए बनाए गए हैं। भारत में सैकड़ों हजारों ग्राहक लागत बचत को बढ़ावा देने, नवाचार में तेजी लाने, व्यवसायों में बदलाव लाने और उद्योगों में नए डिजिटल समाधान बनाकर बाजार में गति बढ़ाने के लिए एडब्ल्यूएस पर अपने वर्कलोड चलाते हैं। यह सिर्फ हमारे अपने संचालन का समर्थन करने में मददगार नहीं है, बल्कि यह भारत की डिजिटल इकॉनमी और एआई महत्त्वाकांक्षाओं को बड़े पैमाने पर सक्षम बनाएगा। भारत हमारी वैश्विक निर्यात रणनीति के लिहाज से भी महत्त्वपूर्ण है।

First Published : February 17, 2026 | 10:42 PM IST