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iPhone निर्माताओं ने भारत में रचा रोजगार का रिकॉर्ड, PLI से 2.5 लाख नौकरियां; 70% महिलाएं शामिल

टाटा समूह और फॉक्सकॉन ने मिलकर पांच साल में लगभग 1,40,000 प्रत्यक्ष नौकरियां तैयार की

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सुरजीत दास गुप्ता   
Last Updated- February 23, 2026 | 10:28 PM IST

पिछले पांच वर्षों में ऐपल इंक भारत में ब्लू-कॉलर नौकरियां पैदा करने वाली सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में से एक के रूप में उभरी है। इसने 2021 में मोबाइल-फोन विनिर्माण के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की शुरुआत के बाद 2,50,000 से ज्यादा नई प्रत्यक्ष नौकरियां दी हैं। यह पीएलआई योजना इसी मार्च के अंत में समाप्त होगी।

खास यह कि इन पदों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं भर्ती की गई हैं। इनमें भी अनेक की उम्र 19 से 24 वर्ष के बीच है, जिनकी यह पहली नौकरी है। यह आंकड़ा वि​भिन्न वेंडरों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पीएलआई और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग (ईसीएम) योजनाओं के तहत जमा किया गया है।

क्यूपर्टिन में मुख्यालय वाली ऐपल के भारत में दो प्रमुख आईफोन वेंडर टाटा समूह और फॉक्सकॉन ने मिलकर इस अवधि में लगभग 1,40,000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा की हैं। यह आंकड़ा पीएलआई योजना के तहत जताई गई 1,18,290 नौकरियों की प्रतिबद्धता से कहीं ज्यादा है। सरकार ने पीएलआई योजना के लाभार्थियों के लिए पांच वर्षों में कुल 2,00,000 नई प्रत्यक्ष नौकरियों का लक्ष्य रखा था।

बाकी 1,10,000 प्रत्यक्ष नौकरियां भारतीय, विदेशी और संयुक्त-उद्यम कंपनियों द्वारा दी गई हैं, जो काफी हद तक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) हैं और जिन्होंने आईफोन से संबं​धित उपकरणों के निर्माण के लिए ऐपल के साथ काम किया है। ये कंपनियां अब उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, झारखंड, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे 8 राज्यों में फैली हैं।

ये कंपनियां मुख्य रूप से आईफोन असेंबली प्लांट को उपकरणों की आपूर्ति करती हैं, जबकि जबिल और एक्वस जैसी कुछ कंपनियां सीधे ऐपल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में निर्यात करती हैं। इनके अलावा ऐपल के तेजी से विस्तार कर रहे घरेलू उपकरण नेटवर्क में भी 40 से ज्यादा कंपनियों में नई प्रत्यक्ष नौकरियां दी गई हैं। इनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंडाल्को, भारत फोर्ज, वीडीडीएन टेक्नॉलजीज, विप्रो पारी, सल्कॉम्प, मदरसन ग्रुप, सनवोडा इलेक्ट्रॉनिक, फॉक्सलिंक, एसएफओ टेक्नॉलजीज और टीईएएल आदि प्रमुख हैं।

वित्त वर्ष 22 में उत्पादन बढ़ाने वाली फॉक्सकॉन के दो कारखानों में 70,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं। इसी तरह तीन आईफोन इकाइयों का संचालन करने वाला टाटा समूह लगभग 72,000 लोगों को रोजगार दे रहा है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, मोबाइल निर्माण में औसत मासिक वेतन पीएलआई योजना लागू होने से पहले लगभग 11,000 रुपये था, जो इस योजना के आने के बाद बढ़कर लगभग 18,000 से 20,000 हो गया है।

सरकार का अनुमान था कि मोबाइल-डिवाइस निर्माण पीएलआई अवधि के अंत तक प्रत्यक्ष भर्ती के स्तर से लगभग तीन गुना ज्यादा लगभग 6,00,000 नौकरियां देगा, लेकिन अकेले ऐपल और इसके साथ काम करने वाली कंपनियों ने ही उस अनुमान को पार कर लिया है और ऐपल के पूरे तंत्र में अनुमानित 7,50,000 अप्रत्यक्ष नौकरियां जुड़ी हैं। वर्ष 2025 में (जनवरी से दिसंबर तक), भारत का स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें आईफोन की हिस्सेदारी 23 अब डॉलर है जो कुल कारोबार का 76 प्रतिशत था।

First Published : February 23, 2026 | 10:04 PM IST