facebookmetapixel
Advertisement
PM Rahat Yojana के तहत Road Accident के बाद ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज!₹590 करोड़ का झटका! IDFC First Bank में बड़ा फ्रॉड, शेयर 20% टूटाAirtel का मास्टरस्ट्रोक: ₹20,000 करोड़ के निवेश के साथ डिजिटल लेंडिंग बाजार में मचाएगी तहलकासेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स की चमक पड़ी फीकी, जनवरी में निवेश 88% गिरा; अब निवेशक क्या करें?SIM Swap Fraud का नया जाल: फोन का नेटवर्क गायब होते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, ऐसे बचेंSEBI कसेगा शिकंजा! PMS नियमों की होगी बड़ी समीक्षा, जून 2026 तक जारी कर सकता है कंसल्टेशन पेपरचीन में प्राइवेट इक्विटी कंपनियों को निवेश से बाहर निकलने में क्यों हो रही है मुश्किल?Nippon India MF ने उतारा नया डेट फंड, ₹1,000 से निवेश शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?टाटा बोर्ड मीटिंग से पहले बाजार में सरगर्मी, इन 6 शेयरों में एक्सपर्ट्स ने बताए टारगेट और स्टॉप लॉसDA Hike 2026: क्या होली से पहले बढ़ेगा महंगाई भत्ता? पिछले 5 साल के ट्रेंड्स दे रहे बड़ा संकेत

सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स की चमक पड़ी फीकी, जनवरी में निवेश 88% गिरा; अब निवेशक क्या करें?

Advertisement

फिलहाल बाजार में करीब 248 सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स उपलब्ध हैं। इन फंड्स का औसत रिटर्न 1 साल में 6.28 फीसदी, 3 साल में 18.60 फीसदी और 5 साल में 17.00 फीसदी रहा है

Last Updated- February 23, 2026 | 9:22 PM IST
Mutual Fund

Sectoral and Thematic Funds: सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स का क्रेज अब ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। ICRA एनालिटिक्स के मुताबिक, पिछले दो साल से इन फंड्स में तेजी से आ रहा पैसा अब अचानक घट गया है। कमजोर प्रदर्शन, बाजार की उतार-चढ़ाव भरी स्थिति और निवेशकों के बदलते रुझान इसकी बड़ी वजह माने जा रहे हैं। जनवरी 2026 में इन फंड्स में निवेश सालाना आधार पर करीब 88 फीसदी गिर गया। इस महीने सिर्फ 1,042.56 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आया, जबकि एक साल पहले जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 9,016.60 करोड़ रुपये था।

सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स का AUM बढ़ा

सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स का नेट एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जनवरी 2026 में 13.63 फीसदी बढ़कर 5.24 लाख करोड़ रुपये हो गया। जनवरी 2025 में यह 4.61 लाख करोड़ रुपये था। पिछले 5 वर्षों में इन फंड्स का AUM तेजी से बढ़ा है। जनवरी 2021 के 89,007.40 करोड़ रुपये से यह 42.54 फीसदी की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के साथ बढ़ा है।

वर्ष नेट AUM (₹ करोड़) कुल इनफ्लो (₹ करोड़)
जनवरी 2020 65,598.66 3.80
जनवरी 2021 89,007.40 2,586.24
जनवरी 2022 1,46,129.47 2,072.91
जनवरी 2023 1,67,665.77 903.19
जनवरी 2024 2,71,142.04 4,804.69
जनवरी 2025 4,60,920.60 9,016.60
जनवरी 2026 5,23,743.15 1,042.56

Source: AMFI/MFI360Explorer

Also Read: PSU Banks पर म्युचुअल फंड्स बुलिश, जनवरी में निवेश 3 साल के हाई पर; SBI को सबसे ज्यादा फायदा

कमजोर प्रदर्शन से कम हुआ क्रेज?

ICRA एनालिटिक्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड मार्केट डेटा अश्विनी कुमार ने कहा, “सेक्टोरल और थीमैटिक म्युचुअल फंड्स में निवेश कम हुआ है, जिसकी वजह कमजोर प्रदर्शन, बाजार से जुड़े कारक और निवेशकों की बदलती सोच है। मुख्य कारण यह रहा कि कई फंड्स अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए। इससे निवेशकों ने इन फंड्स में केंद्रित निवेश (thematic bets) पर दोबारा सोचना शुरू किया। जब रिटर्न धीमे पड़े या नेगेटिव हो गए, तो मासिक निवेश (inflows) में तेज गिरावट देखने को मिली।”

निवेशकों का डायवर्सिफिकेशन पर जोर

सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में नेट फ्लो का हिस्सा, ओपन-एंडेड इक्विटी फंड्स के कुल नेट फ्लो के मुकाबले जनवरी 2026 में घटकर सिर्फ 4.34 फीसदी रह गया। यह जनवरी 2025 में 22.72 फीसदी और जनवरी 2024 में 22.06 फीसदी था। मई 2024 में यह हिस्सा बढ़कर 55.37 फीसदी और जून 2024 में 55.04 फीसदी तक पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद यह तेजी से गिरकर मार्च 2025 में सिर्फ 0.68 फीसदी रह गया और फिर जनवरी 2026 में थोड़ा संभलकर 4.34 फीसदी पर आ गया। यह ट्रेंड दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने के बीच निवेशक अब किसी एक सेक्टर में ज्यादा पैसा लगाने से पीछे हट रहे हैं। साथ ही, वे अब ज्यादा डायवर्सिफिकेशन वाले निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

वर्ष सेक्टोरल व थीमैटिक फंड्स में नेट फ्लो (%)
जनवरी 2020 0.05
जनवरी 2021 -27.95
जनवरी 2022 13.92
जनवरी 2023 7.20
जनवरी 2024 22.06
जनवरी 2025 22.72
जनवरी 2026 4.34

Source: MFI360Explorer

Also Read: Abakkus MF ने बताया कब खुलेगा स्मॉल कैप फंड; पैसा लगाने से पहले चेक कर लें सभी डिटेल

थीमैटिक स्ट्रैटेजीज में निवेशकों की रूचि घटी

कुमार ने कहा, “ये कैटेगरी काफी चक्रीय (cyclical) होती हैं। जैसे ही सेक्टर का ट्रेंड बदला, फंड्स का प्रदर्शन भी तेजी से गिरा। इससे पहले अच्छे रिटर्न देखकर निवेश करने वाले निवेशक अब सतर्क हो गए हैं। यह सावधानी बाजार में बढ़ती अस्थिरता (volatility) से और बढ़ गई है, खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में। इसके अलावा रुपये में कमजोरी, वैश्विक आर्थिक चिंताएं और व्यापार से जुड़े जोखिम जैसे कारकों ने भी निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा को कम किया है। इन सभी वजहों से हाई-रिस्क थीमैटिक स्ट्रैटेजीज में निवेश की रुचि घट गई है।”

रिटेल निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

फिलहाल बाजार में करीब 248 सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स उपलब्ध हैं। इन फंड्स का औसत रिटर्न 1 साल में 6.28 फीसदी, 3 साल में 18.60 फीसदी और 5 साल में 17.00 फीसदी रहा है। उन्होंने बताया कि कई रिटेल निवेशक, खासकर वे जिन्हें बिना पूरी जोखिम समझे थीमैटिक फंड्स बेचे गए थे, अब बाजार में रिकवरी आने पर अपनी होल्डिंग बेच रहे हैं। इससे नए निवेश (fresh inflows) में और कमी आ रही है।

Also Read: Aditya Birla Sun Life MF ने उतारा नया ETF, ₹500 से टॉप-10 प्राइवेट और सरकारी बैंकों में निवेश का मौका

अब निवेशक क्या करें?

कुमार ने कहा, “सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स निकट अवधि में उतार-चढ़ाव भरे और काफी चक्रीय बने रह सकते हैं। इसकी वजह बाहरी अनिश्चितताएं और हालिया कमजोर प्रदर्शन है। हालांकि, लंबी अवधि में कुछ चुनिंदा थीम्स का आउटलुक पॉजिटव बना हुआ है, खासकर वे जो सरकारी नीतियों और आर्थिक संरचनात्मक कारकों से जुड़े हैं। आने वाले समय में इस कैटेगरी में निवेश की रफ्तार धीमी रह सकती है, लेकिन ज्यादा टिकाऊ होगी। साथ ही निवेशक अब ज्यादा सोच-समझकर और डेटा के आधार पर निवेश फैसले लेंगे।”

Advertisement
First Published - February 23, 2026 | 7:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement