Cement Sector Outlook: सीमेंट सेक्टर में सुस्ती का दौर खत्म होता दिख रहा है। Nuvama Institutional Equities की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2026 में सीमेंट की मांग और कीमतों दोनों में सुधार दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि यह सुधार ऐसे समय में आया है जब जनवरी में केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों का पूंजीगत खर्च सालाना आधार पर तेज गिरावट में था।
रिपोर्ट बताती है कि FY25 में सुस्त पड़ी कैपेक्स की रफ्तार FY26 में फिर पटरी पर लौट आई है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों के पूंजीगत खर्च में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
केंद्र सरकार ने FY26 के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स बजट रखा है, जिसमें से दिसंबर तक लगभग 70 प्रतिशत खर्च किया जा चुका है। इतना ही नहीं, FY27 के लिए यह आवंटन बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण गतिविधियों को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों का खर्च हल्का घटा है, लेकिन कुल मिलाकर सरकारी निवेश का रुख मजबूत बना हुआ है।
दूसरी तरफ रियल एस्टेट सेक्टर में ठंडापन दिख रहा है। देशभर में 2025 में नए घरों की लॉन्चिंग करीब 9 प्रतिशत घटी। यह लगातार दूसरा साल है जब हाउसिंग लॉन्च में गिरावट आई है। लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सरकारी खर्च से सीमेंट की कुल मांग को सहारा मिल रहा है।
नुवामा के चैनल चेक के मुताबिक जनवरी में सीमेंट की मांग मजबूत रही और चौथी तिमाही FY26 में भी यह रफ्तार जारी रहने की संभावना है। पूरे वित्त वर्ष 2026 में उद्योग की वॉल्यूम ग्रोथ मिड सिंगल डिजिट रहने का अनुमान है। अक्टूबर और नवंबर 2025 की गिरावट के बाद दिसंबर से कीमतों में सुधार शुरू हो चुका है। ईंधन कीमतों में नरमी और कंपनियों की लागत नियंत्रण रणनीति से मुनाफे पर दबाव कम हो सकता है। रिपोर्ट फिलहाल सीमेंट सेक्टर पर तटस्थ रुख रखती है, लेकिन साफ संकेत दे रही है कि अगर कैपेक्स की रफ्तार ऐसे ही बनी रही तो आने वाले महीनों में यह सेक्टर नई मजबूती के साथ उभर सकता है।
रिपोर्ट में सीमेंट सेक्टर पर फिलहाल न्यूट्रल रुख रखा गया है, लेकिन JK Cement को ‘बाय’ रेटिंग के साथ टॉप पिक बताया गया है। नुवामा का मानना है कि बेहतर मांग, कीमतों में सुधार और लागत नियंत्रण के चलते JK Cement आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।