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गन्ना किसान आज करेंगे 55 विधानसभा के लिए मतदान

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:17 PM IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के सोमवार को होने वाले मतदान में 9 जिलों की 55 सीटों पर मतदान होगा। प्रदेश का गन्ना बेल्ट कहे जाने वाले इन जिलों में आधे से ज्यादा किसान इसकी खेती करते हैं और नकदी के लिए इसी फसल पर निर्भर हैं। उत्तर प्रदेश के लगभग 35 लाख गन्ना किसानों में से आधे के करीब इन्ही 55 विधानसभा सीटों पर हैं और इन सबके सामने बकाया भुगतान न होना सबसे बड़ी समस्या है। किसान आंदोलन के दौरान और उसके बाद भी प्रदेश के इन हिस्सों में गन्ना बकाया भुगतान न होने को लेकर घेराव, धरना व प्रदर्शन होता रहा है। दूसरे चरण में सोमवार को सहारनपुर, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, बरेली, बदांयू और शाहजहांपुर में मतदान होना है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में ताल ठोंक रहे सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लेकर विपक्षी दलों कांग्रेस व समाजवादी पार्टी सभी ने अपने घोषणा पत्र में गन्ना बकाया भुगतान 14 दिनों के भीतर कराने और न होने पर ब्याज दिलवाने का वादा किया है। हालांकि किसानों का कहना है कि भुगतान के लिए 14 दिनों की समय सीमा और देरी पर ब्याज का वादा तो ज्यादातर दल पहले भी कर चुके हैं पर आज तक मिला नहीं है। उनका कहना है कि बकाया भुगतान में देरी पर चीनी मिले अदालत तक गई हैं और आदेशों के बाद भी किसानों को पैसा नहीं मिला है।
दूसरे चरण के चुनाव वाली सीटों पर गन्ने की खेती का सवाल बड़ा है और हर दल इसे उठा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों व खुद गन्ना उत्पादकों के संगठनों के मुताबिक बरेली जिले में सबसे ज्यादा 70 फीसदी गन्ना किसान हैं। इसके अलावा मुरादाबाद में लगभग 60 फीसदी, बदायूं में 40, बिजनौर में 50 फीसदी, रामपुर 45 फीसदी, संभल में 35 फीसदी,  सहारनपुर और अमरोहा में क्रमश: 65 और 60 फीसदी व शाहजहांपुर में 35 फीसदी गन्ना उत्पादक हैं।
 

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First Published - February 13, 2022 | 11:28 PM IST

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