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अहम पड़ाव पर है निफ्टी-50

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Last Updated- August 17, 2020 | 12:16 AM IST

 
शुक्रवार को बाजार में बैंकिंग शेयरों की अगुआई में अचानक तेज बिकवार्ली  । 50 शेयरों वाले निफ्टी सूचकांक ने 11,300 के स्तर को तोड़ दिया, लेकिन उसके ऊपर टिके रहने में नाकाम रहा और अंत में 11,178 के स्तर पर बंद हुआ। तकनीकी विश्लेषकों ने कहा, बाजार में सकारात्मक रफ्तार तब तक बनी रह सकती है जब तक यह इंडेक्स 11,100 के ऊपर टिका रहे। सैमको सिक्योरिटीज की वरिष्ठ शोध विश्लेषक निराली शाह ने कहा, ऊपर प्रतिरोध का स्तर 11,380 है, हालांकि 10,900 का स्तर तोडऩे पर बढ़त का रुख नहीं बना रह पाएगा और उसके बाद ज्यादा संभावना तेज गिरावट की होगी। बाजार के विशेषज्ञों ने कहा, भारत व अमेरिका में बॉन्ड का बढ़ता प्रतिफल बाजार के लिए अवरोध के रूप में काम करेगा। सुंदर सेतुरामन

येस बैंक के अंडरराइटर ने की कमाई
पिछले हफ्ते येस बैंक का शेयर अप्रत्याशित तौर पर 36 फीसदी उछल गया जबकि निफ्टी बैंक इंडेक्स में मामूली गिरावट दर्ज हुई। शुक्रवार को हालांकि इस शेयर पर लोअर सर्किट ग गया, लेकिन पिछले हफ्ते के फायदे ने 15,000 करोड़ रुपये के एफपीओ में आवेदन करने वालों के चेहरे पर रौनक ला दी। एसबीआई कैपिटल मार्केट्स (एसबीआई कैप्स) को भी खुशी हुई क्योंकि अंडरराइटर के तौर पर उसे एफपीओ के न बिके शेयर खरीदने पड़े थे। एसबीआई कैप्स को सामान्य से ज्यादा शेयर खरीदने पड़ गए क्योंकि यूपीआई के इस्तेमाल से आवेदन करने वाले कई खुदरा निवेशकों के आवेदन खारिज हो गए थे। एक सूत्र ने कहा, प्रक्रियागत खामियों के कारण यूपीआई के जरिए मिलने वाले खुदरा निवेशकों के 200 करोड़ रुपये के आवेदन खारिज हो गए। इससे एसबीआई कैप्स का अंडरराइटिंग बोझ बढ़ गया। हालांकि इन्वेस्टमेंट बैंक शायद अब शिकायत नहीं कर रहा होगा कि शेयर एफपीओ कीमत से 25 फीसदी ऊपर है। एसबीआई कैप्स को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। समी मोडक

फोकस्ड फंडों में सकारात्मक निवेश
संकेंद्रित दांव और सीमित तौर पर विशाखन आजमाने वाला फोकस्ड फंड एकमात्र इक्विटी श्रेणी है, जहां जुलाई में सकारात्मक निवेश नजर आया। इक्विटी फंडों से जुलाई में शुद्ध रूप से 2,400 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी हुई। चार साल में यह पहला मौका है जब इक्विटी योजनाओं में निवेश का प्रवाह नकारात्मक रहा। सलाहकारों ने कहा, फोकस्ड फंडों को लेकर निवेशकों का रुझान बढ़ रहा है क्योंकि ऐसे फंड बाजार में सुधार के दौरान उम्दा प्रदर्शन कर सकते हैं। एक सलाहकार ने कहा, अच्छी तरह से बनाया गया फोकस्ड इक्विटी पोर्टफोलियो से निवेशकों को बाजार में गिरावट से होने वाले नुकसान को कवर करने में मदद मिल सकती है। किसी समय में फोकस्ड फंड में 30 से ज्यादा शेयर नहीं हो सकते। किसी अन्य इक्विटी फंड को इस तरह की सीमा से चिपके रहने की जरूरत नहीं होती है। जश कृपलानी

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First Published - August 17, 2020 | 12:16 AM IST

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