प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल कंपनियों की तरफ से मई में सालाना आधार पर निवेश में बढ़ोतरी जारी रही, हालांकि मासिक आधार पर उनके निवेश पर वैश्विक अनिश्चितता का दबाव स्पष्ट तौर पर देखने को मिला।
आईवीसीए-ईवाई की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2022 में पीई/वीसी निवेश 5.3 अरब डॉलर रहा, जो मई 2021 के मुकाबले 42 फीसदी ज्यादा है लेकिन अप्रैल 2022 के 7.5 अरब डॉलर के निवेश के मुकाबले 29 फीसदी कम है।
मई 2022 में 109 सौदे हुए, जो मई 2021 के 66 सौदों के मुकाबले 65 फीसदी ज्यादा है जबकि अप्रैल 2022 के 117 सौदों से 12 फीसदी कम है।
एक सकारात्मक प्रवृत्ति यह रही कि जब रकम जुटाने की बात आती है तो उसमें बढ़त का रुख नजर आया। मई 2022 में पांच फंडों के जरिए कुल मिलाकर 66.8 करोड़ डॉलर जुटाए गए जबकि मई 2021 में तीन फंडों के जरिये 15.4 करोड़ डॉलर जुटाए गए थे। मई 2022 में सबसे ज्यादा रकम जंगल वेंचर्स ने जुटाई, जिसने चौथे इंडिया डेडिकेटेड फंड के तहत 60 करोड़ डॉलर जुटाए।
ईवाई के पार्टनर व नैशनल लीडर (प्राइवेट इक्विटी सर्विसेज) विवेक सोनी ने कहा, अमेरिकी और भारतीय केंद्रीय बैंकों की तरफसे नकदी पर सख्ती के बावजूद पीई-वीसी पूंजी का प्रवाह भारत में जारी रहा और इस साल अब तक 28.8 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो सालाना आधार पर 35 फीसदी ज्यादा है।
मई 2022 में रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश सबसे आगे रहा और 1.7 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कई माह तक पिछड़ा रहा था क्योंकि पीई-वीसी ने उच्च बढ़त वाले क्षेत्रों मसलन ई-कॉमर्स व तकनीक में पूरे 2021 के दौरान पूंजी आवंटन पर जोर दिया था।
मई में सबसे बड़ा सौदा अदाणी नियंत्रित मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट में हुआ, जिसने अपोलो ग्लोबल से 75 करोड़ डॉलर का कर्ज जुटाया। इसके बाद बेन कैपिटल और आई कैम्ब्रिज ने लोढ़ा समूह के साथ बनाए संयुक्त उद्यम लोढ़ा लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म स्थापित करने पर 66.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर के निवेशका ऐलान किया। वित्तीय सेवा क्षेत्र में अब तक 5.3 अरब डॉलर का निवेश हुआ और यह क्षेत्र पीई-वीसी निवेशकों के लिए सबसे ऊपर रहा।