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गोल्डमैन सैक्स को सोना 2,500 डॉलर पर पहुंचने का अनुमान

Last Updated- December 11, 2022 | 8:50 PM IST

सोने की कीमतें कैलेंडर वर्ष 2022 में अब तक करीब 18 प्रतिशत चढ़कर 2,050 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई हैं। मौजूदा रूस-यूक्रेन टकराव की वजह से सोने की कीमतों में तेजी आई है और विश्लेषकों का मानना है साल के अंत तक सोने की कीमतें अन्य 25 प्रतिशत तक बढ़कर 2,500 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच सकती हैं।
शुरू में, गोल्डमैन सैक्स ने सोने की कीमतों को लेकर अपना 12 महीने का अनुमान बढ़ाकर 2,150 डॉलर कर दिया, क्योंकि उसका मानना था कि अमेरिकी वृद्घि में सुस्ती से मंदी की चिंता बढ़ सकती है और स्वर्ण ईटीएफ में 300 टन के प्रवाह को बढ़ावा मिल सकता है।
रूस-यूक्रेन के बीच तनाव की शुरुआत के बाद से ही गोल्डमैन सैक्स ने सुझाव दिया था कि जिंस कीमतों में तेजी से विकसित बाजारों (डीएम) की वृद्घि संबंधित मुद्रास्फीति प्रभावित हो सकती है और अमेरिकी मंदी की चिंता गहरा सकती है तथा स्वर्ण ईटीएफ प्रवाह बढ़कर 600 टन पर पहुंच जाएगा, जिससे सोने की कीमतें 12 महीने में 2,350 डॉलर प्रति औंस पर आ जाएंगी।
गोल्डमैन सैक्स के मिखाइल स्प्रोगिस, सैबाइन शेल्स और जेफ्रे क्यूरी ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है, ‘पिछली बार, हमने 2010-2011 में सभी प्रमुख मांग संबंधित वाहकों में तेजी दर्ज की थी, जब सोने की कीमतें लगभग 70 प्रतिशत तक चढ़ गई थीं। निवेश और मांग अनुमानों में संशोधन को देखते हुए हमने अब अपने 3/6/12 महीने के स्वर्ण लक्ष्यों को 1,950/2,050/2,150 डॉलर प्रति औंस से बढ़ाकर 2,300/2,500 प्रति औंस कर दिया है।’
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि गोल्ड ईटीएफ वर्ष 2020 से पहली बार आक्रामक तौर पर तेजी दर्ज कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इस रफ्तार में तेजी आने की संभावना है, क्योंकि बाजार में अभी अमेरिकी वृद्घि में मंदी का असर नहीं दिखा है, जिसका हमारे अर्थशास्त्रियों ने अनुमान जताया है।’
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि वर्ष 2022 की दूसरी छमाही में केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की मांग अपने ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच जाएगी, क्योंकि उन्होंने वैश्विक तौर पर सोने को ध्यान में रखते हुए मजबूत विविधता और भूराजनीतिक कारणों, दोनों पर गंभीरता से ध्यान दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हमें उम्मीद है कि वर्ष 2023 की दूसरी छमाही तक, वैश्विक केंद्रीय बैंक की मांग रिकॉर्ड 750 टन की सालाना दर पर पहुंच जाएगी, जो वर्ष 2021 में 450 टन पर थी। इसके साथ साथ हमारे ईटीएफ अनुमान में तेजी के बदलाव से साल के अंत तक सोने की कीमतें करीब 2,500 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच सकती हैं।’

परिधान विक्रेताओं की आय बढ़ेगी
खुदरा परिधान विक्रेताओं की आय वित्त वर्ष 2021-22 में 25 फीसदी बढ़ सकती है। कोविड-19 महामारी से प्रभावित वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान क्षेत्र के विक्रेताओं की आय 40 फीसदी घट गई थी। एक रेटिंग एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी। क्रिसिल रेटिंग की रिपोर्ट के अनुसार, लाभ के लिहाज से मार्जिन चालू वित्त वर्ष में पांच से सात फीसदी रह सकता है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में अधिक है लेकिन महामारी-पूर्व के नौ फीसदी के स्तर से कम है। एजेंसी के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा, चालू वित्त वर्ष की दूसरी और तीसरी तिमाही में मजबूत भरपाई और चौथी तिमाही में अपेक्षित स्वस्थ प्रदर्शन खुदरा विक्रेतों की आय को महामारी-पूर्व के 75 से 80 फीसदी पर पंहुचा देगा।     भाषा

First Published - March 9, 2022 | 11:31 PM IST

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