facebookmetapixel
Advertisement
पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दम

ब्रोकरेज फर्में कोलेटरल पर साझा कर रहे हैं गलत जानकारी

Advertisement

एक्सचेंज ने पाया कि कुछ क्लाइंटों के आंकड़ों की जानकारी नहीं दी गई

Last Updated- July 25, 2023 | 10:43 PM IST
stocks to buy

ब्रोकरेज फर्में अक्सर अपने क्लाइंटों के कोलेटरल की गलत जानकारी साझा कर रहे हैं, जो स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग के दौरान वे ब्रोकरेज के पास बनाए रखते हैं।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ने पाया है कि ब्रोकरेज फर्मों की तरफ से जिस कोलेटरल की जानकारी दी जा रही है वहां कई तरह की गड़बड़ी है। इनमें एक ही आंकड़ों के कई फाइल अपलोड करना, विभिन्न क्षेत्रों में परिचालन के आधार पर छोटी-छोटी जानकारी मुहैया न कराना और कुछ मामलों में कुछ निश्चित क्लाइंटों के आंकड़ों की रिपोर्टिंग नहीं करना शामिल है।

अगर शेयर बाजार की चाल ट्रेडर के उलट होती है तो कोलेटरल का इस्तेमाल पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में होता है। यह ब्रोकरेज को क्लाइंट की तरफ से किसी तरह की चूक से सुरक्षा प्रदान करता है क्योंकि कोलेटरल का इस्तेमाल कमी की भरपाई में हो सकता है। यह बाजार में सेटलमेंट से जुड़े मसलों को टालने में भी मदद करता है। स्टॉक एक्सचेंज ने ब्रोकरेज फर्मों को बताया है कि एक्सचेंज ब्रोकरों के इस आंकड़े का इस्तेमाल बाजार की प्रभावी निगरानी में करता है।

देसी ब्रोकरेज फर्म के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कोलेटरल के संग्रह को लेकर जानबूझकर अस्पष्टता छोटी कंपनियों तक सीमित रखी जानी चाहिए, न कि काफी बड़ी फर्मों तक, जो अभी अपने क्लाइंट आधार के कारण बढ़ती जांच के दायरे में हैं।

Also read: टाटा मोटर्स ने पहली तिमाही में मजबूत मुनाफा किया दर्ज, आय 42 फीसदी बढ़ी

उन्होंने कहा, बड़ी ब्रोकिंग फर्मों को अब ज्यादा सावधान रहना होगा। पारंपरिक दलाल स्ट्रीट ब्रोकरेज के प्रमुख ने कहा, कुछ छोटी इकाइयों ने शायद नासमझी में कुछ गलतियां होंगी। ये जानबूझकर नहीं किए गए होंगे। बाजार नियामक सेबी ने क्लाइंटों के कोलेटरल और उसके प्रबंधन को लेकर सख्ती बरत रहा है।

बाजार में लिवरेज घटाने के अतिरिक्त नियामक ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया है कि क्लाइंटों के फंडों का ब्रोकरेज दुरुपयोग न करे क्योंकि हाल के वर्षों में कई ब्रोकरों ने चूक की है। नियामक ने ब्रोकरेज फर्मों को रोजाना आधार पर, क्लाइंटों के आधार पर (परिसंपत्तियों के ब्रेकअप समेत) कोलेटरल का खुलासा अनिवार्य किया था। यह जुलाई 2021 में प्रभावी हुआ। नियामक ने मई 2022 से यह भी सुनिश्चित किया कि क्लाइंटों के फंड का इस्तेमाल सेटलमेंट की देनदारी में ही किया जाए।

ब्रोकरेज फर्में अभी भी क्लाइंटों के फंड तक पहुंच रखती हैं और यह जानकारी जून 2023 में सेबी की बोर्ड बैठक की विस्तृत जानकारी से मिली। इसमें कहा गया है कि ये फंड बैंकों के पास फिक्स्ड डिपॉजिट के तौर पर रखे गए हैं। इसका इस्तेमाल स्टॉक ब्रोकर कोलेटरल के तौर पर करते हैं। कुछ फर्में इसका इस्तेमाल फिक्स्ड डिपॉजिट रिसीट्स से ज्यादा की बैंक गारंटी में करती हैं।

Also read: Closing Bell: उतार-चढ़ाव के बाद शेयर बाजार सपाट बंद; JSW स्टील 3% चढ़ा, एशियन पेंट्स 4% तक गिरा

बोर्ड बैठक के दस्तावेज से पता चलता है कि बैंक क्लाइंटों के फंड वाले एफडीआर व अन्य खाता शेष के आधार पर ब्रोकरों को अन्य फंडेड व गैर-फंडेड सुविधा देता है। इसके साथ ही इकोसिस्टम में क्लाइंटों के फंड के दुरुपयोग का बड़ा जोखिम है।

रेटिंग एजेंसी इक्रा की फरवरी 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलेटरल को लेकर सख्ती से ब्रोकरेज की फ्लोट इनकम में कमी की आशंका है। फ्लोट का इस्तेमाल क्लाइंटों के बिना इस्तेमाल वाले फंडों के लिए किया जाता है। बिना इस्तेमाल वाली पूंजी पर कम ब्याज आय से ब्रोकरेज फर्में अपना शुल्क बढ़ा सकती हैं, जिससे बड़ी कंपनियों के हक में एकीकरण हो सकता है। इक्रा की रिपोर्ट में ये बातें कही गई है।

Advertisement
First Published - July 25, 2023 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement