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Market Cap: निवेशकों की चिंता बढ़ी, टॉप-10 में से 7 कंपनियों को भारी नुकसान

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MCap: पिछले हफ्ते बाजार में गिरावट के चलते टॉप-10 में शामिल 7 कंपनियों का मार्केट कैप ₹3.63 लाख करोड़ घटा, जिसमें रिलायंस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

Last Updated- January 11, 2026 | 2:52 PM IST
market cap
Representative Image

Market Cap: पिछले सप्ताह शेयर बाजार में कमजोरी का असर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों पर भी साफ दिखा। टॉप-10 में शामिल सात बड़ी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में करीब ₹3.63 लाख करोड़ की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे बड़ा पिछड़ने वाला शेयर रहा।

बीते हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 2,185.77 अंक यानी 2.54 फीसदी टूट गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता, अमेरिका की ओर से नए टैरिफ संकेत और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।

Enrich Money के सीईओ पोनमुदी आर. के अनुसार, “पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति हावी रही, जिससे प्रमुख शेयरों पर दबाव देखने को मिला।”

इन कंपनियों को हुआ नुकसान

रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण सबसे ज्यादा घटा। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.58 लाख करोड़ घटकर ₹19.96 लाख करोड़ रह गया।
एचडीएफसी बैंक की वैल्यूएशन में भी करीब ₹96 हजार करोड़ की कमी आई और इसका मार्केट कैप ₹14.44 लाख करोड़ पर पहुंच गया।

इसके अलावा,

  • भारती एयरटेल का मार्केट कैप लगभग ₹45 हजार करोड़ घटा

  • बजाज फाइनेंस को करीब ₹18.7 हजार करोड़ का नुकसान हुआ

  • एलएंडटी के बाजार मूल्य में भी लगभग ₹18.7 हजार करोड़ की गिरावट दर्ज की गई

  • टीसीएस का मार्केट कैप करीब ₹15 हजार करोड़ घटा

  • इंफोसिस की वैल्यूएशन में भी लगभग ₹10.7 हजार करोड़ की कमी आई

कुछ शेयरों ने दी राहत

हालांकि गिरावट के बीच कुछ दिग्गज शेयरों ने निवेशकों को राहत भी दी। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब ₹34,900 करोड़ बढ़ा। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मार्केट कैप में भी मामूली बढ़त देखने को मिली।

सबसे मूल्यवान कंपनियों की स्थिति

गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलएंडटी का स्थान है।

कुल मिलाकर, बाजार में जारी अनिश्चितता के चलते निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है और आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों के आधार पर बाजार की दिशा तय होने की उम्मीद है।

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First Published - January 11, 2026 | 2:48 PM IST

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