एक्टिव ग्राहक बढ़े पर ब्रोकरेज के खिलाफ शिकायतें घटीं, तकनीक और जागरूकता का असर
शेयर बाजार में नए निवेशकों की संख्या में शानदार बढ़ोतरी के बावजूद ब्रोकरों से जुड़ी शिकायतों की रफ्तार धीमी हुई है। असल में, एक्सचेंज के आंकड़ों का बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला है कि पिछले एक दशक में सक्रिय निवेशकों की संख्या के मुकाबले शिकायतों की संख्या में कमी आई है। वित्त […]
शेयर बाजार का बदला चेहरा: 10 साल में 9 गुना बढ़े निवेशक, लेकिन शिकायतों की रफ्तार हुई कम
नए निवेशकों की संख्या में हुई जबरदस्त वृद्धि के बावजूद आम शिकायतों में उतनी तेजी से बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों का बिजनेस स्टैंडर्ड ने विश्लेषण किया है। इससे पता चलता है कि पिछले एक दशक में सक्रिय निवेशकों की संख्या के मुकाबले सापेक्ष आधार पर शिकायतों में […]
भारतीय शेयर बाजार में बड़ा बदलाव! अब कुछ कंपनियों का नहीं रहा दबदबा, अमेरिका से भी कम हुआ मार्केट का केंद्रीकरण
भारतीय शेयर बाजार के कुल मूल्यांकन का हिस्सा कुछ बड़ी कंपनियों से अब उतना नहीं आता, जितना 30 साल पहले आता था और अब यह बाजार दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजार अमेरिका के मुकाबले कम केंद्रित है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मार्केट पल्स पब्लिकेशन के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि […]
तरजीही इक्विटी का नया रिकॉर्ड: 25 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची लिस्टिंग, वित्त वर्ष 26 में 1,307 इश्यू
तरजीही इक्विटी सूचीबद्धता की संख्या ढाई दशक से भी ज्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। प्राइमडेटाबेस डॉटकॉम के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में तरजीही शेयरों की लिस्टिंग की संख्या 1,307 रही। यह वर्ष 2000-01 से उपलब्ध सबसे अधिक आंकड़ा है। यह वित्त वर्ष 2025 में देखी गई 986 […]
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन के मुकाबले मजदूरी कम, मुनाफे में उछाल से बढ़ी आय असमानता की चिंता
कोविड महामारी से पहले की तुलना में अब देश की विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां अपने कर्मचारियों को उत्पादित माल के मूल्य के मुकाबले कम वेतन दे रही हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में जहां कर्मचारियों को उत्पादन (बिक्री और स्टॉक या भंडार में बदलाव) का […]
ईरान युद्ध के बीच डटे रहे सॉवरिन वेल्थ फंड, FPI बिकवाली के बावजूद भरोसा कायम
ईरान युद्ध के बीच सॉवरिन वेल्थ फंडों की तरफ से निवेश बेचने की आशंकाएं भारत के मामले में कम से कम अभी तक सच साबित नहीं हुई हैं। कहा जा रहा था कि अपनी घरेलू वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वे निवेश निकाल सकते हैं। डिपॉज़िटरी के आंकड़ों का बिजनेस स्टैंडर्ड ने विश्लेषण […]
डिजिटल ट्रेडिंग का दबदबा बढ़ा, डीलर आधारित शेयर कारोबार घटकर 25% पर आया
लगभग एक दशक पहले देश के शेयर बाजार में ज्यादातर सौदे अपनी पसंद की ब्रोकरेज फर्म के किसी डीलर से कराए जाते थे और इसके लिए उसे फोन करना पड़ता था। मगर अब ऐसा नहीं रहा। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2015 में इक्विटी कैश मार्केट में 60 फीसदी […]
Active vs Passive Funds: रिटर्न में एक्टिव फंड्स का पलड़ा अब भी भारी, पैसिव फंड्स की बढ़ रही रफ्तार
Active vs Passive Funds: धीमी आर्थिक वृद्धि और भू-राजनीतिक तनाव के बीच बीते तीन वर्षों में एक्टिव इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को प्रमुख कैटेगरीज में अपने संबंधित बेचमार्क इंडेक्स की तुलना में रिस्क-एडजेस्टेड आधार पर बेहतर रिटर्न मिला होगा। एक्टिव स्कीम्स ने दिया पॉजिटिव अल्फा बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा वैल्यू रिसर्च (Value […]
भारत से विदेशी कंपनियों का घटा मोह! सक्रिय फर्मों की हिस्सेदारी 70% से गिरकर 62% पर आई
वित्त वर्ष 19 की तुलना में जनवरी 2026 तक देश में सक्रिय विदेशी कंपनियों की संख्या घट गई है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों का बिजनेस स्टैंडर्ड ने विश्लेषण किया है जिसके अनुसार वित्त वर्ष 19 में 3,376 सक्रिय विदेशी कंपनियां थीं। यह संख्या जनवरी 2026 तक घटकर 3,293 रह गई, जबकि पंजीकृत विदेशी […]
निवेशकों की पहली पसंद बने ‘ग्रोथ स्टॉक’, वैल्यू शेयरों को पछाड़कर ग्रोथ इंडेक्स ने मारी बाजी
लगातार चार वर्षों तक भारत के विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहने से देश के शेयर बाजारों में वृद्धि से जुड़े शेयरों (ग्रोथ स्टॉक) का दबदबा बढ़ गया है। एमएससीआई इंडिया ग्रोथ इंडेक्स ने पिछले 12 महीनों के आधार पर फरवरी की समाप्ति 19.9 फीसदी की बढ़त के साथ की जबकि […]








