facebookmetapixel
Advertisement
लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्टहिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज का ऐलानIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली के लग्जरी होटलों में रेट्स आसमान पर, स्वीट्स 30 लाख रुपये तकफार्मा दिग्गजों की हुंकार: चीन से मुकाबले के लिए भारतीय दवा नियमों में बड़े सुधार की जरूरतपीएम इंटर्नशिप योजना में बदलाव की तैयारी; इंटर्नशिप अवधि और आयु सीमा में कटौती संभवमारुति सुजुकी की रफ्तार: 2025 में रेल से 5.85 लाख वाहनों की रिकॉर्ड ढुलाई, 18% का शानदार उछालFY26 की पहली छमाही में कंपनियों का कैपेक्स 6 साल के हाई पर, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाई तेजीजगुआर लैंड रोवर के वैश्विक नक्शे पर तमिलनाडु: रानीपेट में ₹9,000 करोड़ के TATA-JLR प्लांट का उद्घाटन

2025 में भारत के चाय निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड, ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा

Advertisement

ईरान-इराक और चीन से मजबूत मांग के दम पर 2025 में चाय निर्यात 280.40 मिलियन किलोग्राम पहुंचा

Last Updated- February 09, 2026 | 11:18 AM IST
Tea Plantation Companies
Representational Image

भारत का चाय निर्यात 2025 में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। यह बढ़त मुख्य रूप से ईरान और इराक से मजबूत खरीद, और चीन से बढ़ती मांग के कारण हुई है। टी बोर्ड ऑफ इंडिया के प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार, 2025 (जनवरी-दिसंबर) में भारत ने 280.40 मिलियन किलोग्राम (mkg) चाय का निर्यात किया। यह पिछले साल इसी अवधि (2024) के 256.17 mkg से ज्यादा है।

इस बीच, निर्यात से कमाई भी बढ़ी है। 2025 में निर्यात आय ₹8,488.43 करोड़ रही, जबकि 2024 में यह ₹7,167.41 करोड़ थी। इंडस्ट्री के देशवार आंकड़ों के मुताबिक, यूएई, इराक और चीन में चाय की खपत तेजी से बढ़ी। वहीं, वहीं रूस और अमेरिका में गिरावट देखी गई।

टी बोर्ड के डिप्टी चेयरपर्सन सी मुरुगन ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि यह भारत द्वारा दर्ज किया गया चाय निर्यात का सबसे ऊंचा स्तर है, और इसके लिए निर्यातक प्रशंसा के पात्र हैं।

एशियन टी कंपनी के डायरेक्टर मोहित अग्रवाल ने कहा कि भारत का चाय निर्यात 280 mkg के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि टी बोर्ड के नेतृत्व में मर्चेंट एक्सपोर्टर्स ने मिडिल ईस्ट के बाजारों- ईरान, इराक और तुर्की- में उतरकर जोखिम लिया, जबकि वहां राजनीतिक हालात अस्थिर थे।

अग्रवाल ने कहा कि यह बढ़त ऑर्थोडॉक्स चाय के निर्यात में आई है, जबकि CTC निर्यात लगभग स्थिर रहा। असम ऑर्थोडॉक्स इस ग्रोथ में सबसे अहम रहा।

इराक और यूएई में बढ़ी मांग

आंकड़ों के अनुसार, इराक को निर्यात 2025 में 52.59 mkg रहा, जबकि 2024 में यह 40.47 mkg था। यूएई को निर्यात 2025 में बढ़कर 50.71 mkg हो गया, जो 2024 में 43.48 mkg था।

ईरान को निर्यात 2025 में 11.25 mkg रहा, जो 2024 में 9.25 mkg था। हालांकि, अधिकतर चाय यूएई के जरिए ईरान भेजी जाती है, क्योंकि यूएई एक बड़ा री-एक्सपोर्ट हब है।

चीन बना सबसे बड़ा सरप्राइज

सबसे बड़ा बदलाव चीन में देखने को मिला। जनवरी-दिसंबर 2025 में चीन को निर्यात 16.13 mkg रहा। जबकि 2024 में यह सिर्फ 6.24 mkg था। मुरुगन ने बताया कि जब अमेरिका ने रेसिप्रोकल और पेनल्टी टैरिफ लगाए थे, तब निर्यातकों को नए बाजार खोजने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका में गिरावट की भरपाई चीन ने कर दी। निर्यातकों ने रिसर्च किया, चीन को अवसर के रूप में पहचाना और चीनी दूतावास भी काफी सक्रिय रहा।

अमेरिका को निर्यात 2025 में 15.21 mkg रहा, जबकि 2024 में यह 17.14 mkg था। मुरुगन ने कहा कि अब भी चीन से काफी पूछताछ आ रही है। वहां प्रमोशनल गतिविधियां करेंगे क्योंकि ऑर्थोडॉक्स चाय के लिए वहां बड़ी संभावना है। हम छोटे उत्पादकों से भी कहेंगे कि वे CTC से ऑर्थोडॉक्स उत्पादन की ओर जाएं।

भारत-US ट्रेड डील से निर्यात बढ़ने की उम्मीद

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से चाय निर्यात को भी फायदा हो सकता है। ट्रंप प्रशासन ने नवंबर में खाद्य वस्तुओं को छूट दी थी, जिसमें चाय भी शामिल थी, लेकिन कुछ महीनों तक रुकावटें बनी रहीं।

इंडियन टी एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अंशुमान कनोरिया ने कहा कि हम ऐतिहासिक भारत-अमेरिका ट्रेड डील का स्वागत करते हैं। इससे खरीदारों में अनिश्चितता दूर हुई है और लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट व स्थायी ग्रोथ के नए अवसर खुले हैं। मुरुगन ने कहा कि यह ट्रेड डील भारत को एक बड़े और हाई-प्राइस्ड मार्केट तक पहुंच देती है। अमेरिका में भारतीय चाय की मांग बढ़ रही है।

नए बाजारों पर भी नजर

टी बोर्ड का फोकस अब अन्य बाजारों पर भी है। जैसे, अफगानिस्तान, उत्तर अफ्रीकी देश- अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, मोरक्को, मिस्र को निर्यात 300 mkg तक पहुंचने की संभावना है।

कनोरिया ने कहा कि अगर ईरान के लिए पेमेंट स्थिति बेहतर हो जाती है और सरकार प्रमोशन व कंप्लायंस में मदद करे, तो हम चाय निर्यात को आसानी से 300 mkg तक बढ़ा सकते हैं।

Advertisement
First Published - February 9, 2026 | 11:18 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement