कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) नई साझेदार एजेंसियां नियुक्त करने की प्रक्रिया में है। इस मामले के जानकार सूत्रों के मुताबिक रिटायरमेंट फंड प्रबंधक करीब 15 साल के बाद नए संरक्षक को नियुक्त करने की प्रक्रिया में है। अभी ईपीएफओ का संरक्षक स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक है और यह बतौर एजेंसी ईपीएफओ के 31 लाख करोड़ रुपये के कोष की सुरक्षा करता है। उसकी नियुक्ति नवंबर 2011 में हुई थी और नए संरक्षक को नियुक्ति की प्रक्रिया बीते करीब पांच वर्षों से अधर में लटकी हुई है।
सूत्रों के अनुसार 2023 में सिटीबैंक के चयन को रद्द करने के बाद ईपीएफओ की निवेश समिति (आईसी) ने 2024 में यह निर्णय लिया कि नए संरक्षक और नए पोर्टफोलियो प्रबंधकों की नियुक्ति की प्रक्रिया एक साथ नहीं चलाएगी। ईपीएफओ ने अक्टूबर 2025 में एचडीएफसी ऐसेट मैनेजर लिमिटेड और आदित्य बिड़ला सनलाइफ एएमसी लिमिटेड सहित मौजूदा पोर्टफोलियो मैनेजर्स एसबीआई फंड मैनेजमेंट लिमिटेड और यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की नियुक्ति को मंजूरी दी थी।
इसके बाद आईसी ने पात्र कंपनियों से बोलियां आमंत्रित करने के लिए प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) या औपचारिक निविदा जारी करने का निर्णय लिया। साथ ही समिति ईपीएफओ की निवेश गतिविधियों का लेखापरीक्षा करने वाले अपने बाह्य समवर्ती लेखापरीक्षक (ईसीए) की नियुक्ति के लिए आरएफपी को अंतिम रूप दे रही है।
वर्तमान ईसीए चोक्सी ऐंड चोक्सी एलएलपी का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो गया। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है, जब तक कि उससे पहले किसी नए ईसीए की नियुक्ति न हो जाए। नियामक अनुपालन और सर्वोत्तम बाजार प्रथाओं के साथ अनुकूलता के लिए आरएफपी के मसौदे की विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा जांच की गई।