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FY27 में 6.4% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ, मूडीज ने जताया अनुमान; कहा- G20 में सबसे तेज

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मजबूत घरेलू खपत, नीतिगत समर्थन और स्थिर बैंकिंग सिस्टम के दम पर भारत की अर्थव्यवस्था को गति; MSME सेक्टर में सीमित दबाव की आशंका

Last Updated- February 09, 2026 | 2:33 PM IST
New GDP Series of India
Representational Image

मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को अगले वित्त वर्ष में भारत की GDP ग्रोथ 6.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार यह G20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज होगी। इसकी वजह मजबूत घरेलू खपत, नीतिगत कदम और स्थिर बैंकिंग सिस्टम है। अपनी बैंकिंग सिस्टम आउटलुक रिपोर्ट में मूडीज ने कहा कि बैंकों की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी रहेगी, हालांकि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) में कुछ दबाव दिख सकता है। फिर भी, बैंकों के पास कर्ज नुकसान को संभालने के लिए पर्याप्त रिजर्व मौजूद हैं।

मूडीज ने कहा कि 2026 में बैंकों के लिए ऑपरेटिंग माहौल मजबूत बना रहेगा, जिसे मजबूत मैक्रो स्थितियों और स्ट्रक्चरल सुधारों का समर्थन मिलेगा। मूडीज ने कहा, “हम अनुमान लगाते हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक GDP 6.4 फीसदी बढ़ेगी, जो G20 में सबसे तेज होगी। यह मजबूत घरेलू खपत और नीतिगत कदमों से प्रेरित होगी।”

आर्थिक सर्वे में ग्रोथ 6.8%-7.2% का अनुमान

मूडीज ने कहा कि सितंबर 2025 में GST में कटौती और इससे पहले पर्सनल इनकम टैक्स थ्रेशहोल्ड बढ़ाने से उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बेहतर होगी और खपत आधारित ग्रोथ को सहारा मिलेगा। एजेंसी ने FY27 का अनुमान वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वेक्षण में दिए गए 6.8% से 7.2% के अनुमान से कम है, जिसे पिछले महीने संसद में पेश किया गया था। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की ग्रोथ 7.4 फीसदी रहने की संभावना है, जो 2024-25 में दर्ज 6.5 फीसदी से ज्यादा है।

मूडीज ने कहा कि महंगाई नियंत्रण में है और ग्रोथ की गति मजबूत बनी हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि RBI वित्त वर्ष 2026-27 में मौद्रिक नीति में आगे ढील तभी देगा, जब आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेत दिखें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2025 में कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर पॉलिसी रेट को 5.25 प्रतिशत कर दिया है।

मूडीज का अनुमान है कि पूरे सिस्टम में लोन ग्रोथ वित्त वर्ष 2026-27 में हल्की बढ़त के साथ 11% से 13% तक पहुंच सकती है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 10.6% रही है।

लोन क्वालिटी बनी रहेगी मजबूत

मूडीज ने कहा कि कॉरपोरेट लोन क्वालिटी मजबूत बनी रहेगी, जिसे बड़ी कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर मुनाफे का समर्थन मिलेगा। हालांकि, रिकवरी की रफ्तार धीमी हो सकती है, क्योंकि बैंक बड़े कॉरपोरेट्स के स्ट्रेस्ड लोन पहले ही काफी हद तक निपटा चुके हैं। एजेंसी ने कहा कि बैंक मजबूत पूंजी स्थिति बनाए रखेंगे, क्योंकि आंतरिक पूंजी निर्माण एसेट ग्रोथ के साथ चलता रहेगा। बैंकों की फंडिंग और लिक्विडिटी स्थिर रहेगी, क्योंकि लोन और डिपॉजिट ग्रोथ लगभग एक जैसी रहने की उम्मीद है। एजेंसी का मानना है कि जरूरत पड़ने पर सरकार बैंकों को मजबूत समर्थन देती रहेगी।

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First Published - February 9, 2026 | 2:33 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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