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लेखक : सचिन मामपट्टा

आज का अखबार, ताजा खबरें, बॉन्ड, समाचार

Bond Ratings: कंपनियों की वित्तीय सेहत बिगड़ रही है? रेटिंग डाउनग्रेड ने बढ़ाई चिंता

रेटिंग एजेंसियों ने मई में वित्तीय योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा डाउनग्रेड कर दिया है। इससे बिगड़ते वित्तीय हालात के संबंध में चिंता जाहिर होती हैं। यह आंकड़ा अगस्त 2021 की तुलना में बहुत अधिक है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों से पता चलता है कि मई में करीब 18.49 प्रतिशत साधनों […]

आज का अखबार, बाजार, शेयर बाजार

NSDL और CDSL के टेक्नोलॉजी खर्च में तेज उछाल, डीमैट सिस्टम के विस्तार से बढ़ा दबाव

भारत के शेयर बाजार की परिसंपत्तियां संभालने वाली कंपनियों की टेक्नॉलजी से जुड़ी लागत में एक-तिहाई से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। हाल में समाप्त वित्त वर्ष 2025-26 में इस मद में एक-तिहाई से ज्यादा का इजाफा देखा गया है। नैशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) ने वित्त वर्ष 26 में टेक्नॉलजी से जुड़े खर्च में […]

आज का अखबार, बाजार, शेयर बाजार

कारोबार अलग करने का बढ़ता चलन, 2024 के बाद 43 अरब डॉलर के 50 सौदे

हाल के वर्षों में कंपनियां अपने डिविजनों को अलग-अलग कारोबारों में बांट रही हैं। एलएसईजी के आंकड़ों का बिज़नेस स्टैंडर्ड ने विश्लेषण किया है। इनसे पता चलता है कि तीन वर्षों में, जिनमें मौजूदा वर्ष 2026 भी शामिल है,  ऐसे 50 सौदे हुए हैं। इनका कुल मूल्य करीब 43 अरब डॉलर है। वेदांत के अपनी […]

आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

LIC अब भी सबसे बड़ी निवेशक, लेकिन दबाव बढ़ा

भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी शेयर बाजार पर अपनी पकड़ को म्युचुअल फंड उद्योग के हाथों गंवा रही है। प्राइमइन्फोबेस डॉट कॉम के अनुसार मार्च 2012 में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास सार्वजनिक ट्रेडिंग (फ्री-फ्लोट) के लिए उपलब्ध सभी सूचीबद्ध शेयरों के मूल्य का करीब 10वां हिस्सा था। मार्च 2026 तक […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, बाजार, शेयर बाजार

NSE के मेगा IPO से पहले ब्रोकरों ने घटाई हिस्सेदारी, ऑल-टाइम लो पर पहुंचा मालिकाना हक

ब्रोकरेज कंपनियां कारोबार के हिसाब से देश के सबसे बड़े शेयर बाजार- नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई)- की लिस्टिंग से पहले उसमें अपनी हिस्सेदारी कम कर रही हैं। एनएसई में कारोबारी सदस्यों और सहयोगियों की हिस्सेदारी मार्च 2019 के अपने उच्चतम स्तर करीब 53.9 फीसदी से गिरकर मार्च 2026 तक 35.6 फीसदी रह गई है। मौजूदा […]

आज का अखबार, बाजार, शेयर बाजार

एक्टिव ग्राहक बढ़े पर ब्रोकरेज के खिलाफ शिकायतें घटीं, तकनीक और जागरूकता का असर

शेयर बाजार में नए निवेशकों की संख्या में शानदार बढ़ोतरी के बावजूद ब्रोकरों से जुड़ी शिकायतों की रफ्तार धीमी हुई है। असल में, एक्सचेंज के आंकड़ों का बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला है कि पिछले एक दशक में सक्रिय निवेशकों की संख्या के मुकाबले शिकायतों की संख्या में कमी आई है। वित्त […]

आज का अखबार, बाजार, शेयर बाजार

शेयर बाजार का बदला चेहरा: 10 साल में 9 गुना बढ़े निवेशक, लेकिन शिकायतों की रफ्तार हुई कम

नए निवेशकों की संख्या में हुई जबरदस्त वृद्धि के बावजूद आम शिकायतों में उतनी तेजी से बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों का बिजनेस स्टैंडर्ड ने विश्लेषण किया है। इससे पता चलता है कि पिछले एक दशक में सक्रिय निवेशकों की संख्या के मुकाबले सापेक्ष आधार पर शिकायतों में […]

आज का अखबार, बाजार, शेयर बाजार

भारतीय शेयर बाजार में बड़ा बदलाव! अब कुछ कंपनियों का नहीं रहा दबदबा, अमेरिका से भी कम हुआ मार्केट का केंद्रीकरण

भारतीय शेयर बाजार के कुल मूल्यांकन का हिस्सा कुछ बड़ी कंपनियों से अब उतना नहीं आता, जितना 30 साल पहले आता था और अब यह बाजार दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजार अमेरिका के मुकाबले कम केंद्रित है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मार्केट पल्स पब्लिकेशन के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि […]

आज का अखबार, बाजार, शेयर बाजार

तरजीही इक्विटी का नया रिकॉर्ड: 25 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची लिस्टिंग, वित्त वर्ष 26 में 1,307 इश्यू

तरजीही इक्विटी सूचीबद्धता की संख्या ढाई दशक से भी ज्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। प्राइमडेटाबेस डॉटकॉम के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में तरजीही शेयरों की लिस्टिंग की संख्या 1,307 रही।   यह वर्ष 2000-01 से उपलब्ध सबसे अ​धिक आंकड़ा है। यह वित्त वर्ष 2025 में देखी गई 986 […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, भारत

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन के मुकाबले मजदूरी कम, मुनाफे में उछाल से बढ़ी आय असमानता की चिंता

कोविड महामारी से पहले की तुलना में अब देश की विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां अपने कर्मचारियों को उत्पादित माल के मूल्य के मुकाबले कम वेतन दे रही हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में जहां कर्मचारियों को उत्पादन (बिक्री और स्टॉक या भंडार में बदलाव) का […]

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