facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका का Section 301 सिर्फ टैरिफ है दबाव बनाने का नया हथियार? भारत के पास क्या हैं विकल्पTitan ने रचा नया इतिहास! ₹5,000 के पार पहुंचा शेयर, जून से 26% की उड़ान; अब खरीदें, होल्ड करें या मुनाफा बुक करें?अगस्त में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) का समय से पहले रिडेम्पशन: ये निवेशक समय से पहले बाहर निकल सकते हैं8 साल से प्रोडक्शन टारगेट चूक रही ONGC, फिर भी कुछ ब्रोकरेज को दिख रहा 53% तक का रिटर्नJuniper Green Energy IPO Listing: IPO निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले! 9% प्रीमियम पर हुई लिस्टिंगGold silver price today: भू राजनीतिक तनाव कम होने से सोना ₹1.50 लाख के करीब पहुंचा, चांदी भी चमकीPNB दे रहा FCNR(B) FD पर 6.6% तक ब्याज; जानें SBI, HDFC, ICICI समेत किस बैंक में कितना मिलेगा रिटर्नAirtel के शेयर को आगे क्या दौड़ाएगा? टैरिफ बढ़ोतरी से लेकर डेटा सेंटर तक 5 बड़े ट्रिगरUTI के दौर से SIP तक, कैसे बदल गया म्युचुअल फंड?पश्चिमी मानक भारत पर न थोपें, छोटी कारों का बाजार खत्म नहीं हुआ: आर. सी. भार्गव

AI और मजबूत ग्रोथ से IT शेयर चमक सकते हैं, ब्रोकरेज ने इन 6 स्टॉक्स पर दी BUY की सलाह

Advertisement

उम्मीद से बेहतर ग्रोथ और AI डील्स के दम पर IT कंपनियों में निवेश के अवसर

Last Updated- February 09, 2026 | 2:20 PM IST
Nifty IT Index

भारतीय IT सर्विसेज कंपनियों ने इस तिमाही में सीजनल स्लो पीरियड के बावजूद उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनियों की ग्रोथ, मुनाफा और नए कॉन्ट्रैक्ट्स या तो अनुमान के अनुसार रहे या उससे बेहतर रहे। बड़ी कंपनियों ने तिमाही-दर-तिमाही लगातार बढ़त दिखाई। Infosys और HCL Tech ने सालाना रेवेन्यू बढ़ाने का संकेत दिया, जबकि बाकी कंपनियों ने अपना आउटलुक वैसा ही रखा। इस दौरान छोटी और मिड-साइज की कंपनियों ने बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए मजबूत प्रदर्शन किया।

अब IT कंपनियों के शेयर उनके असली काम या कमाई से ज्यादा, दुनिया में AI के नए बदलावों से बढ़ते या घटते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी लोग थोड़े संदेह में हैं, जैसे पहले टेक्नोलॉजी के पुराने दौर में हुआ करता था। लेकिन जैसे-जैसे जनरेटिव AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, वैसे-वैसे भारतीय IT कंपनियों की कमाई और काम दोनों मजबूत होंगे।

ग्रोथ बेहतर, मार्जिन स्थिर, AI पर फोकस

इस तिमाही में IT कंपनियों ने रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से बेहतर दिखाई। मिड-कैप कंपनियों ने बड़ी कंपनियों को पछाड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। बड़ी कंपनियों ने भी अपने ग्रोथ मोमेंटम को बनाए रखा। एडजस्टेड मार्जिन स्थिर या बढ़ी हुई रही। Persistent जैसी कंपनियों ने AI-ड्रिवन डील्स की वजह से मार्जिन में सुधार किया।

डील-विन्स मजबूत रहे और बड़ी और मिड-कैप कंपनियों ने नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए। हालांकि छोटी कंपनियों को अभी भी दबाव झेलना पड़ रहा है। वैश्विक कंपनियों ने भी स्थिर प्रदर्शन किया और अपने आउटलुक को बरकरार रखा।

गाइडेंस और वर्टिकल्स का हाल

अधिकांश कंपनियों ने इस तिमाही में अपनी रेवेन्यू गाइडेंस बढ़ाई, केवल LTTS को छोड़कर। मार्जिन गाइडेंस भी ज्यादातर कंपनियों ने बनाए रखा। BFSI और Hi-tech सेक्टर ने लगातार ग्रोथ दिखाई। कंज्यूमर वर्टिकल्स में अभी भी मैक्रोइकॉनॉमिक और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता रही, लेकिन रिकवरी के शुरुआती संकेत दिखे। Telecom और Healthcare सेक्टर ने भी इस तिमाही में ग्रोथ दिखाई।

क्षेत्रवार देखें तो अमेरिका में स्थिति स्थिर रही, जबकि यूरोप और बाकी दुनिया में ग्रोथ की रफ्तार बढ़ी।

भविष्य के लिए मजबूत संकेत

नुवामा का अनुमान है कि बड़ी कंपनियों की ग्रोथ निकट भविष्य में थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन मध्यम अवधि में टेक्नोलॉजी खर्चों और Gen AI के अवसरों से कंपनियों का प्रदर्शन सुधरेगा। Tier-2 कंपनियां अपनी मजबूत ग्रोथ मोमेंटम बनाए रख सकती हैं।

सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इस तिमाही किसी कंपनी ने अपनी अनुमानित आय में कटौती नहीं की। पिछले 12 महीनों में IT शेयरों में लगभग 15 प्रतिशत गिरावट आई है, जिससे उन्हें अब आकर्षक वैल्यूएशन पर खरीदा जा सकता है।

नुवामा ने इस सेक्टर के लिए अच्छा रुख बनाए रखा है और Coforge, Persistent, Mphasis, LTIMindtree, TCS और Infosys पर BUY की सलाह दी है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

Advertisement
First Published - February 9, 2026 | 2:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement