Kalyan Jewellers: जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर की दिग्गज कंपनी कल्याण ज्वैलर्स के स्टॉक्स में सोमवार (9 फरवरी) जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इंट्राडे में शुरुआती कारोबार में ही शेयर में 10 फीसदी का अपर सर्किट लग गया। कंपनी ने तीसरी तिमाही (Q3FY26) में शानदार नतीजे पेश किया। इसका असर स्टॉक मूवमेंट पर देखने को मिली। दमदार नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers Share) पर बुलिश हैं। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 76% तक अपसाइड के टारगेट दिये हैं।
ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्युरिटीज ने कल्याण ज्वैलर्स पर BUY रेटिंग बनाए रखी है। साथ ही प्रति शेयर टारगेट प्राइस 670 रुपये दिया है। बीते ट्रेडिंग सेशन (6 फरवरी) को शेयर 380 रुपये पर बंद हुआ था। इस तरह, मौजूदा भाव से स्टॉक में आगे करीब 76 फीसदी का तगड़ा रिटर्न मिल सकता है।
ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि कल्याण ज्वैलर्स की ग्रोथ अब ज्यादा अनुकूल डिमांड की वजह से नहीं, बल्कि कंपनी के मजबूत एक्जीक्यूशन (काम को सही तरीके से लागू करने) की वजह से बढ़ रही है। कंपनी की समान स्टोर बिक्री (SSSG) मजबूत बनी हुई है। इसे नए ग्राहकों की अच्छी बढ़ोतरी का सहारा मिला है, क्योंकि कंपनी की कुल आय में 39% से ज्यादा हिस्सा नए ग्राहकों से आ रहा है। इससे पता चलता है कि सोने की कीमतें बढ़ने के बावजूद मांग सिर्फ कीमतों की वजह से नहीं, बल्कि गहराई से बनी हुई है। खास बात यह है कि ऊंचे सोने के दाम के बावजूद कंपनी का एक्जीक्यूशन और मार्केट शेयर बढ़ना जारी रहा है। इससे यह दिखता है कि कंपनी का ऑपरेटिंग मॉडल मजबूत और टिकाऊ है।
कंपनी का FOCO मॉडल अब बड़े स्तर पर चलने लगा है। फ्रेंचाइजी आधारित स्टोर्स अब भारत के कुल रेवेन्यू में करीब 51% योगदान दे रहे हैं। इससे कंपनी की कैपिटल एफिशिएंसी बेहतर हुई है और एक्जीक्यूशन की स्पष्टता बढ़ी है। अब कंपनी की नॉन-साउथ मार्केट्स से करीब 59% आय आ रही है। इससे यह साबित होता है कि कंपनी की हाइपरलोकल स्ट्रैटेजी सिर्फ पुराने (लेगेसी) क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि नए बाजारों में भी काम कर रही है।
कंपनी के रिटर्न मैट्रिक्स भी मजबूत हैं। रिटर्न ऑन कैपिटल इम्प्लॉयड (RoCE) करीब 28% (TTM) है। बैलेंस शीट भी काफी बेहतर हुई है। नेट डेट/EBITDA करीब 0.7x है। मजबूत फ्री-कैश जनरेशन के चलते कंपनी ने 650 करोड़ रुपये का वर्किंग कैपिटल कर्ज चुका दिया है।
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल (Motilal Osweal) ने कल्याण ज्वैलर्स पर खरीदारी की सलाह बनाए रखी है। प्रति शेयर टारगेट प्राइस 600 रुपये रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि उसने 3QFY26 में EBITDA मार्जिन बढ़ने के चलते FY27 और FY28 के लिए EPS अनुमान को 3-4% बढ़ाया है। कंपनी का कुल कर्ज घटकर 550 करोउ़ रुपये अरब रह गया। हालांकि 3QFY26 में कोई कर्ज भुगतान नहीं हुआ, लेकिन कंपनी 4QFY26 में नॉन-GML कर्ज को लगभग 150 करोड़ रुपये घटाने की योजना बना रही है। इसका लक्ष्य मार्च 2026 तक इसे करीब 400 करोड़ रुपये तक लाना है। कंपनी का FY27 तक कर्ज-मुक्त बनने का लक्ष्य है। ब्रोकरेज ने FY26-28E के दौरान रेवेन्यू में 21% CAGR, EBITDA में 18% CAGR, और PAT में 22% CAGR का अनुमान लगाया है।
ब्रोकरेज हाउस सेंट्रम (Centrum) ने ज्वैलरी स्टॉक पर 600 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कल्याण ज्वैलर्स के नतीजे मार्जिन के मामले में हमारे अनुमान से बेहतर रहे। इस तिमाही में कंपनी ने कई मोर्चों पर अच्छी ग्रोथ दिखाई। जैसे- स्टोर बढ़ाना (कल्याण के 18 और कैंडियर के 14 नए स्टोर), समान स्टोर बिक्री में तेज बढ़त (SSSG) में सालाना आधार पर 27% ग्रोथ और स्टडेड ज्वैलरी पोर्टफोलियो में 30 फीसदी से ज्यादा की मजबूत ग्रोथ।
ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी नए ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। दक्षिण भारत और गैर-दक्षिण भारत दोनों क्षेत्रों में व्यापक ग्रोथ दर्ज की गई। जनवरी 2026 में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, ग्राहकों की रुचि बनी रही। कंपनी के स्टोर्स में वॉक-इन और फुटफॉल मजबूत रहे।
दमदार नतीजों के दम पर कल्याण ज्वैलर्स में सोमवार को शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में ही 417.75 रुपये पर 10 फीसदी का अपर सर्किट लग गया। दोपहर 2 बजे तक ट्रेडिंग सेशन के दौरान शेयर करीब 14 फीसदी की तेजी लेकर 432.55 का इंट्राडे हाई बनाया। सेशन के दौरान स्टॉक ने 395.45 का लो टच किया। BSE पर कंपनी का मार्केट कैप 44,559 करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया। कंपनी का 52 हफ्ते का हाई 617.30 और लो 347.65 है।
कल्याण ज्वैलर्स का तीसरी तिमाही (Q3FY26) में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 90 फीसदी बढ़कर 416.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। एक साल पहले समाप्त हुई दिसंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 218.7 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू की बात करें तो तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 42 फीसदी बढ़कर 10,343.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
तीसरी तिमाही में कंपनी का कामकाजी मुनाफा (EBITDA) सालाना आधार पर करीब 75 फीसदी की बढ़त के साथ 750.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके साथ ही एबिटडा मार्जिन भी सुधरकर 7.3 फीसदी पर आ गया है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में एबिटडा मार्जिन 5.9 फीसदी था। सालाना आधार पर ऑपरेटिंग खर्च करीब 32 फीसदी बढ़कर 607.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
(डिस्क्लेमर: स्टॉक्स में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज हाउस ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)