SBI Share Price: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में ऐसा दमदार प्रदर्शन किया है, जिसका असर सीधे शेयर बाजार में दिखा। सोमवार, 9 फरवरी 2026 को SBI के शेयर ने ₹1,136.85 का नया 52-वीक हाई बनाया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को साफ दिखाता है।
सोमवार को BSE पर SBI का शेयर सुबह 10.41 बजे करीब 6 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,130.35 पर ट्रेड करता नजर आया। Q3 नतीजों के बाद आई इस तेजी ने बैंक को एक बार फिर बाजार की सुर्खियों में ला दिया है।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज, मोतीलाल ओसवाल और अब एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने भी SBI पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है। नुवामा के मुताबिक, SBI का मौजूदा शेयर भाव ₹1,066 माना गया है और अगले 12 महीनों के लिए टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,250 कर दिया गया है। वहीं मोतीलाल ओसवाल ने SBI के लिए ₹1,300 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 22 प्रतिशत की संभावित तेजी दिखाता है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने भी टारगेट बढ़ाकर ₹1,210 कर दिया है।
तीसरी तिमाही में SBI का शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹210 अरब रहा, जो सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है और बाजार अनुमानों से काफी ज्यादा रहा। इस बेहतर प्रदर्शन में SBI AMC से मिले ₹22 अरब के स्पेशल डिविडेंड की अहम भूमिका रही। हालांकि ब्रोकरेज का कहना है कि एक बार के इस लाभ को हटाने के बाद भी बैंक की कोर कमाई मजबूत बनी हुई है।
Q3 में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 9 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 5 प्रतिशत बढ़ी। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.99 प्रतिशत रहा, जिसमें मामूली सुधार देखने को मिला। SBI मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि FY26 की आखिरी तिमाही में NIM करीब 3 प्रतिशत के आसपास रह सकता है।
यह भी पढ़ें: ब्रेकआउट के मुहाने पर खड़े ये 3 शेयर, एक्सपर्ट ने बताए टारगेट और स्टॉप लॉस
SBI का कुल लोन बुक सालाना आधार पर 15.6 प्रतिशत और तिमाही आधार पर करीब 6 प्रतिशत बढ़ा है। SME और कॉरपोरेट सेगमेंट में खासतौर पर तेज ग्रोथ देखने को मिली है। रिटेल, एग्रीकल्चर और SME सभी सेगमेंट में मांग मजबूत बनी हुई है। बैंक ने इसी भरोसे के साथ FY26 के लिए लोन ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 13 से 15 प्रतिशत कर दी है।
डिपॉजिट सालाना आधार पर करीब 9 प्रतिशत बढ़े हैं। घरेलू लोन-डिपॉजिट रेशियो बढ़कर 73 प्रतिशत हो गया है, जबकि बैंक की लिक्विडिटी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
एसेट क्वालिटी SBI की बड़ी ताकत बनकर उभरी है। ग्रॉस एनपीए घटकर 1.57 प्रतिशत पर आ गया है। स्लिपेज रेशियो और क्रेडिट कॉस्ट दोनों में कमी आई है। क्रेडिट कॉस्ट 29 बेसिस पॉइंट पर सीमित रही, जो बैंक की मजबूत बैलेंस शीट को दिखाता है। प्रोविजन कवरेज रेशियो 75 प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि मजबूत लोन ग्रोथ, नियंत्रित खर्च, बेहतर एसेट क्वालिटी और स्थिर मार्जिन के चलते SBI की कमाई आगे भी मजबूत रह सकती है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाया है।
ब्रोकरेज हाउस मानते हैं कि SBI का मौजूदा प्रदर्शन दिखाता है कि सरकारी बैंक होने के बावजूद इसका कोर बिजनेस कई निजी बैंकों से बेहतर है। Q3 नतीजों, 52-वीक हाई और बढ़ते टारगेट प्राइस के साथ SBI एक बार फिर निवेशकों की पसंदीदा PSU बैंक स्टॉक बनता नजर आ रहा है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।