facebookmetapixel
₹4,500 करोड़ की फंडरेजिंग! Biocon ने शुरू किया QIP, फ्लोर प्राइस जानिएTrump Tariffs: ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर ट्रंप की कड़ी चेतावनी, 25% टैरिफ लगाने का ऐलानStocks To Watch Today: Biocon, Paytm, NLC India समेत कई स्टॉक्स पर रहेगी नजरफिनटेक के BC नेटवर्क पर RBI की बढ़ सकती है निगरानी, लाइसेंस व्यवस्था पर चल रही चर्चाRBI ने बैंकों को साल भर मजबूत परिचालन अनुशासन और डेटा गवर्नेंस बनाए रखने की सलाह दीवोडाफोन आइडिया को AGR बकाया पर 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलने का अनुमानWindsor बनी 2025 की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार, बिक्री 46,735 वाहन तक पहुंचीगुजरात के खोरज में नया संयंत्र लगाएगी मारुति सुजूकी, 10 लाख कारों की होगी सालाना क्षमताक्लीनर टेक्नॉलजी का उभार: भारत में EV-CNG-हाइब्रिड की हिस्सेदारी तीन साल में हुई दोगुनीमारुति सुजूकी ने इंडियन ऑयल संग किया करार, अब पेट्रोल पंपों पर मिलेगी कार सर्विसिंग की सुविधा

दोपहिया उद्योग को 2026 में 9 फीसदी तक की ग्रोथ की उम्मीद, GST कटौती के चलते मांग बढ़ने के आसार

फाडा के आंकड़ों के अनुसार उद्योग ने वर्ष 2025 का समापन 2 करोड़ वाहनों से अधिक की खुदरा बिक्री के साथ किया

Last Updated- January 11, 2026 | 9:59 PM IST
two wheeler
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के दोपहिया उद्योग में कैलेंडर वर्ष 2026 में 6 से लेकर 9 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इस खरीद को जीएसटी कटौती के बाद बेहतर हुई कीमतों, मजबूत ग्रामीण मांग और शहरों में रीप्लेसमेंट यानी पुराने वाहन हटाकर नयों की खरीदारी में सुधार से बल मिलेगा। हालांकि 125सीसी से कम के  वाहनों के लिए एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) अनिवार्य बनाने के एक प्रस्ताव से कीमतों में इजाफा होने और अल्पावधि में बिक्री पर दबाव पड़ने की आशंका है।

विश्लेषकों का कहना है कि एंट्री-लेवल एबीएस सिस्टम जोड़ने की लागत 2,000 से,000 रुपये प्रति वाहन होने का अनुमान है। आम जनता की वाहन श्रेणी में मार्जिन कम है। इसलिए पूरी तरह से इस वढ़ोतरी को मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) वहन कर लेंगे, इसकी संभावना नहीं है। ऐसे में एंट्री-लेवल की मोटरसाइकलों और स्कूटरों की कीमतों में 7 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी।

बीएनपी पारिबा में विश्लेषक (आईटी और ऑटो) कुमार राकेश ने कहा, ‘एक बार कीमतें स्थायी रूप से बढ़ने के बाद मांग निचले आधार पर पहुंच जाती है। जैसे-जैसे बिक्री एडजस्ट होगी, हम लगभग एक वर्ष तक इसका प्रभाव देखेंगे।’ 

दोपहिया बाजार की जैसी संरचना है, उससे जोखिम और बढ़ गया है। इस बाजार में 125सीसी से कम क्षमता वाले मॉडल की बिक्री का हिस्सा अधिक है। 125सीसी से कम वाली मोटरसाइकलों का कुल बाइक बिक्री में लगभग 74-75 प्रतिशत है। ज्यादातर स्कूटर भी कम इंजन क्षमता पर केंद्रित हैं। नवंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार मासिक आधार पर 125सीसी से कम क्षमता वाले दोपहिया वाहनों की बिक्री लगभग 9 लाख होने का अनुमान है। विश्लेषकों को उम्मीद है कि एबीएस के कारण कीमत वृद्धि का असप एंट्री-लेवल के इन खंडों में सबसे अधिक होगा।

समय के नजरिये से देखें तो इसका तत्काल प्रभाव सीमित हो सकता है। कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही को अपेक्षाकृत कम आधार से लाभ होने की उम्मीद है, क्योंकि पिछले साल वृद्धि कमजोर थी। लेकिन दूसरी छमाही में दबाव बढ़ने की संभावना है क्योंकि आधार आकर्षक हो गया है और पिछले साल की जीएसटी कटौती का लाभ फीका पड़ा है।

प्रस्तावित एबीएस की अनिवार्यता के समय और दायरे को लेकर नियामकीय अनिश्चितता भी है। सरकार के साथ हाल में हुई बैठक में दोपहिया वाहन निर्माताओं ने 125सीसी तक की मोटरसाइकलों और स्कूटरों में एबीएस के प्रभावी होने को लेकर चिंता जताई। उन्होंने तर्क दिया कि लागत प्रभाव के हिसाब से कम गति वाले वाहन सेगमेंट में सुरक्षा लाभ सीमित हो सकते हैं।   

इन अल्पावधि समस्याओं के बावजूद उद्योग पर नजर रखने वालों को कैलेंडर वर्ष 2026 में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 6 से 9 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। यह उम्मीद जीएसटी के बाद खरीद क्षमता में सुधार, लचीली ग्रामीण मांग और मजबूत शहरी रीप्लेसमेंट मांग पर आधारित है।

फाडा के आंकड़ों के अनुसार उद्योग ने वर्ष 2025 का समापन 2 करोड़ वाहनों से अधिक की खुदरा बिक्री के साथ किया। उसकी राय में दोपहिया पर जीएसटी दर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने के बाद बिक्री की रफ्तार मजबूत हुई। 

First Published - January 11, 2026 | 9:58 PM IST

संबंधित पोस्ट