जिस रफ्तार से भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) संस्थान में विकास देखने को मिला है और यह विश्व में दूसरा सबसे बड़ा संस्थान बन कर उभरा है, उससे तेज गति से शायद ही किसी संस्थान ने विकास किया हो। अब समय आ गया है कि जब देश के चार्टर्ड एकाउंटेंटों को पूरे विश्व में अपनी धाक […]
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ग्लोबल डिपोजिटरी रिसीट और विदेशी मुद्रा हस्तांतरण बॉन्ड्स के मामले में शेयर जारी करने हेतु मूल्य निर्धारण को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अपनी नीतियों में आमूल चूल परिवर्तन करने की योजना बनाई है। अगस्त 2005 में भारत सरकार ने इस बाबत कुछ सुरक्षा मानक तय किए थे। विदेशी मुद्रा हस्तांतरण बॉन्ड्स और साधारण शेयर […]
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एक दिन मैं अपने कुछ अकाउंटेंट दोस्तों और उभरते प्रबंधकों के साथ बात कर रहा था तो मुझे बातों बातों में पता चला कि आईएफआरएस के कुछ मसले उन्हें परेशान कर रहे हैं। एक सवाल जो समय समय पर उठता रहा है वह यह है कि क्या सिद्धांत आधारित अकाउंटिंग मानकों का पालन हो रहा […]
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ऐसे प्रवासी जिनकी भारत में उपस्थिति नहीं है और उसके बाद भी वे विदेशों से ही भारतीयों को अपनी सेवाएं दे रहे हों तो क्या सेवा पाने वाले व्यक्तियों पर कर लगाया जाना चाहिए। यह भारतीय सेवा कर कानून के दायरे में आने वाला एक ऐसा प्रश्न है जिसके बारे में अक्सर सवाल पूछा जाता […]
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उच्च न्यायालय आयकर विभाग के खिलाफ जो फैसला सुनाता है, कई बार विभाग उसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करता है। पर कई बार ऐसा भी होता है कि आयकर विभाग फैसले के खिलाफ आगे अपील नहीं करता। क्या इस तरीके का भेदभाव तर्कसंगत है? उच्चतम न्यायालय की जिस पीठ में यह सवाल उठाया गया, […]
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जब कोई विदेशी कंपनी किसी भारतीय कंपनी को भारत से बाहर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर मुहैया कराती है तो क्या भारत में इस विदेशी कंपनी को आय कर चुकाना होगा? यह मुद्दा भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के एक ताजा मामले से और गहरा गया है। प्राधिकरण ने एक अमेरिकी कंपनी के साथ दो अनुबंध किए थे। […]
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पिछले कुछ हफ्तों के दौरान नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और राजनीतिक महकमे में भी तेल एवं गैस कारोबार पर विंडफॉल टैक्स लगाने को लेकर बहस जारी थी। इससे पहले की विधायिका इस मसले पर कोई निर्णय ले यह जरूरी है कि विभिन्न पैमानों पर इसकी दुरुस्त तरीके से जांच कर ली जाए ताकि फैसला लेने के […]
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वामपंथियों ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का साथ छोड़ दिया है। इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि आर्थिक स्तर पर कुछ सुधार शीघ्र ही देखने को मिल सकते हैं। इसी कड़ी में सबसे पहले उम्मीद की जा रही है कि अप्रत्यक्ष करों की श्रृंखला में लॉ ऑफ अनजस्ट एनरिचमेंट यानी अनुचित संवर्धन कानून […]
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भारत के इतिहास में 22 जुलाई 2008 का दिन काफी महत्वपूर्ण हो गया। उस दिन मनमोहन सिंह की सरकार ने विश्वास मत हासिल किया, वहीं स्टॉक मार्केट भी अच्छी उछाल लेकर बंद हुआ। उस दिन तो तेल की कीमतें भी थोड़ी कम हुई और इससे भारतीय कंपनियों में थोड़ी खुशी की लहर दौड़ गई। इस […]
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केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने 24 जुलाई 2008 को एक सर्कुलर (संख्या 122008) दिया है, जिसमें निर्यातोन्मुखी इकाइयों (ईओयू) के लिए काफी मुश्किलें खड़ी की गई है। अब ईओयू को अपनी लागत या कच्चा माल के बारे में सारी जानकारियों का भी ब्योरा देना होगा। यह ब्योरा स्टैंडर्ड इनपुट आउटपुट नॉम्स (एसआईओएन) […]
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