निर्यातकों के लिए एक अच्छी खबर है। सीमा शुल्क विभाग अब इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरचेंज (ईडीआई) संबंधित सेवाओं के जरिये सीमा शुल्क स्टेशन पर उनके दावे को पूरा करने की कोशिश करेगा। हो भी क्यों नहीं, अब कोर बैंकिंग द्वारा अब देश के किसी कोने से वे अपने बैंक खाते का इस्तेमाल कर सकते हैं। केलकर […]
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भारतीय न्यायिक विवाद निपटारा तंत्र वाणिज्य और निवेश क्षेत्रों में कालभ्रम की स्थिति में परिणत होता जा रहा है। इस तंत्र के प्रशासन में भाग लेने वाले वकील और न्यायिक कर्मी भी अपने करीबी मित्रों को इस बात की सलाह देते हैं कि वे मुकदमा लड़ने से पहले सौ बार सोचें। इस संबंध में एक […]
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आयकर कानून 1961 में पर्मानेंट इस्टाब्लिशमेंट (पीई) यानी स्थायी प्रतिष्ठान की परिभाषा नहीं दी गई है। लेकिन दोहरे कराधान मुक्त समझौते (डीटीएए) में पीई की परिभाषा कुछ इस तरह दी गई है- कारोबार का एक नियत स्थान, जहां किसी उपक्रम का व्यापार अंशत: या पूर्णत: निष्पादित किया जाता हो। इसमें मुख्यत: प्रबंधन का स्थान, शाखा, […]
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आवासीय कॉम्प्लेक्स निर्माण को सेवा कर के दायरे में पहली बार 16 जून 2005 में लाया गया था। इसे लाने का मुख्य उद्देश्य था कि आवासीय परिसंपत्ति के साथ-साथ निर्माण गतिविधियों पर भी सेवा कर आरोपित किया जाए। इस मामले में एक सवाल उठा कि ऐसे डेवलपर जो एक आवासीय परियोजना का निर्माण करने के […]
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पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय ने एक फैसला सुनाया कि जमीन का मालिक, जो बिल्डर के साथ मिलकर अपार्टमेंट के निर्माण में भागीदारी के लिए समझौता करता है, वह बतौर उपभोक्ता समझा जाएगा। इसलिए वह बिल्डर से किसी प्रकार की विसंगति होने पर उपभोक्ता अदालत में जाकर उपभोक्ता सुरक्षा कानून के तहत शिकायत दर्ज कर सकता […]
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उप्र चीनी मिल एसोसिएशन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें गन्ने के राज्य द्वारा प्रस्तावित मूल्य (सैप)2007-08 को चुनौती दी गई थी। न्यायालय ने गन्ने के राज्य संभावित मूल्य को 125-130 रुपये प्रति क्विंटल पर बरकरार रखा। पिछले साल नवंबर में पीठ ने इसकी अंतरिम राशि […]
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जहाजों के विलंब शुल्क का समावेशीकरण आयातित सामान में किया जाए या नहीं यह काफी विवादित मुद्दा रहा है। 10 अक्टूबर 2007 से नए सीमा शुल्क मूल्यीकरण कानून 2007 के तहत इस बात की घोषणा की गई है कि किसी भी आयातित सामान में जहाजों के विलंब शुल्क को भी शामिल किया जाए। यहीं से […]
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एक महत्त्वपूर्ण फैसले में बेंगलूरु टैक्स ट्रिब्यूनल ने कहा है कि नाइकी इनकॉर्पोरेशन की भारत से होने वाली कमाई को कंपनी के इस देश में मौजूद दफ्तरों से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। ट्रिब्यूनल का मानना है कि नाइकी के भारत स्थित कार्यालयों से कोई ऐसा काम नहीं किया जाता है जिससे उन्हें आय प्राप्त […]
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जिस विषय पर मैं लिख रहा हूं वह पुराना तो है पर अभी हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने मयूरी यीस्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में जो फैसला सुनाया है उससे यह विषय एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यूपी ट्रेड टैक्स ऐक्ट, 1948 के तहत आने वाला […]
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एक कंपनी द्वारा जारी किया गया चेक बाउंस कर जाने पर तत्संबधी नियम को लेकर दो जजों के विचारों में मतभेद हो गया और यह मामला बड़ी पीठ को सौंप दिया गया जिसे सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गठित करेंगे। अनीता हाडा बनाम गॉडफादर ट्रैवल्स ऐंड टूअर्स लि. के मामले में एक विवाद उभरकर आया था। […]
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