वर्ष 2005 में कांग्रेस को कुछ समय के लिए क्षणिक खुशी रही थी कि वह सुधार प्रक्रियाओं की गाड़ी को एक बार फिर रफ्तार देगी, पर लंबे समय तक यह खुशी पार्टी के चेहरे पर बनी नहीं रह पाई। कांग्रेस ने साल 1991 में आर्थिक सुधारों की नींव रखी थी। पर इस बार कांग्रेस की […]
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मुझे लगता है कि भारत में लोग ‘पीई’ की व्याख्या प्राइवेट इक्विटी की बजाय पर्मानेंट इस्टैब्लिशमेंट से करते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कर निदेशकों से अक्सर मेरी बातचीत में ऐसा कभी-कभार ही होता है जब मुझसे भारतीय पीई के बारे में सवाल नहीं पूछा जाता हो। मुझसे पूछा जाता है कि भारत में लोग पीई […]
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विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) ने कुछ ऐसे कदम उठाए हैं जिन्हें देखकर कहा जा सकता है कि वाणिज्य मंत्री जो कहते हैं उसे पूरा भी करते हैं। पर अभी भी कुछ और कदम उठाए जाने बाकी हैं। इस साल 11 अप्रैल को सालाना विदेश व्यापार नीति पेश करते हुए वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा था […]
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उच्चतम न्यायालय ने खस्ताहाल घोषित किए जा चुके चंपारण शुगर कॉरपोरेशन लिमिटेड की संपत्ति की बिक्री को लेकर उठे विवाद को सुलटा लिया है। बोर्ड ऑफ इंडस्ट्रियल ऐंड फाइनेंशियल रिकंस्ट्रक्शन की ओर से भुगतान के बावजूद 2001 में इसे नीलामी के जरिए बेच दिया गया था। शुरुआत में खरीद के लिए दो प्रमुख दावेदार थे, […]
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जिस रफ्तार से भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) संस्थान में विकास देखने को मिला है और यह विश्व में दूसरा सबसे बड़ा संस्थान बन कर उभरा है, उससे तेज गति से शायद ही किसी संस्थान ने विकास किया हो। अब समय आ गया है कि जब देश के चार्टर्ड एकाउंटेंटों को पूरे विश्व में अपनी धाक […]
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ग्लोबल डिपोजिटरी रिसीट और विदेशी मुद्रा हस्तांतरण बॉन्ड्स के मामले में शेयर जारी करने हेतु मूल्य निर्धारण को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अपनी नीतियों में आमूल चूल परिवर्तन करने की योजना बनाई है। अगस्त 2005 में भारत सरकार ने इस बाबत कुछ सुरक्षा मानक तय किए थे। विदेशी मुद्रा हस्तांतरण बॉन्ड्स और साधारण शेयर […]
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एक दिन मैं अपने कुछ अकाउंटेंट दोस्तों और उभरते प्रबंधकों के साथ बात कर रहा था तो मुझे बातों बातों में पता चला कि आईएफआरएस के कुछ मसले उन्हें परेशान कर रहे हैं। एक सवाल जो समय समय पर उठता रहा है वह यह है कि क्या सिद्धांत आधारित अकाउंटिंग मानकों का पालन हो रहा […]
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ऐसे प्रवासी जिनकी भारत में उपस्थिति नहीं है और उसके बाद भी वे विदेशों से ही भारतीयों को अपनी सेवाएं दे रहे हों तो क्या सेवा पाने वाले व्यक्तियों पर कर लगाया जाना चाहिए। यह भारतीय सेवा कर कानून के दायरे में आने वाला एक ऐसा प्रश्न है जिसके बारे में अक्सर सवाल पूछा जाता […]
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उच्च न्यायालय आयकर विभाग के खिलाफ जो फैसला सुनाता है, कई बार विभाग उसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करता है। पर कई बार ऐसा भी होता है कि आयकर विभाग फैसले के खिलाफ आगे अपील नहीं करता। क्या इस तरीके का भेदभाव तर्कसंगत है? उच्चतम न्यायालय की जिस पीठ में यह सवाल उठाया गया, […]
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जब कोई विदेशी कंपनी किसी भारतीय कंपनी को भारत से बाहर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर मुहैया कराती है तो क्या भारत में इस विदेशी कंपनी को आय कर चुकाना होगा? यह मुद्दा भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के एक ताजा मामले से और गहरा गया है। प्राधिकरण ने एक अमेरिकी कंपनी के साथ दो अनुबंध किए थे। […]
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