प्रॉपर्टी, संयंत्र और उपकरण (पीपीई) ऐसी परिसंपत्तियां हैं जिनका इस्तेमाल कोई कंपनी उत्पादन या प्रशासन के लिए करती है। ये ऐसी संपत्तियां हैं जिन्हें कोई कंपनी अपने कारोबार के दौरान आसानी से बेचने को तैयार नहीं होती। अगर पीपीई का नाम लें तो इसमें जमीन, बिल्डिंग, मशीनरी, फर्नीचर, गाड़ियां और कंप्यूटर शामिल हैं। पीपीई की […]
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जब किसी प्रवासी भारतीय को किसी रकम का भुगतान किया जाता है तो यह भुगतान करने वाले की जिम्मेदारी बनती है कि वह स्रोत पर ही कर की कटौती कर दे। आयकर की धारा 195 में यह प्रावधान है कि प्रवासी को भुगतान करने वाला व्यक्ति स्रोत पर ही कर का निर्धारण करे और कर […]
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किसी भी प्रवासी द्वारा दी जाने वाली सेवाओं पर उसके प्राप्तकर्ताओं से सेवा शुल्क या मूल्य वर्द्धित कर यानी वैट लिया जाना विपरीत शुल्क अधिरोपण या कर स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत दुनियाभर में प्रचलित है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अगर बात करें, तो सेवाओं के आयात पर विपरीत शुल्क प्रक्रि या का प्रस्ताव उल्लिखित है। भारत […]
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वाणिज्य मंत्रालय ने 13वें वित्त आयोग से एक ऐसी योजना तैयार करने की मांग की है, जिसके तहत निर्यातकों को ऐसी कर राशि लौटाई जा सके जिसे राज्य सरकारें जमा नहीं कराती हैं। इस तरह के करों के रिफंड के मुद्दे पर उदासीन दिखाई दे रही है। इसलिए वाणिज्य मंत्रालय ने आग्रह किया है कि […]
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सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह यह स्पष्ट किया कि किसी भी आम विवाद में मध्यस्थ नियुक्त करते समय मुद्दई के विचारों को भी सुना जाना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि किसी एक पक्ष के आग्रह पर न्यायालय मध्यस्थ की नियुक्ति नहीं कर सकता है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाना […]
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अपनी तरह की अनोखी और पहली घटना के तहत ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय उत्पाद एवं शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के सदस्य प्रशासन को तलब करते हुए यह समझाने को कहा है कि आखिर वह समय पर मुख्य आयुक्तों की समीक्षा समिति नियुक्त क्यों नहीं कर पाई और इस वजह से भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा । […]
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वर्ष 2005 में कांग्रेस को कुछ समय के लिए क्षणिक खुशी रही थी कि वह सुधार प्रक्रियाओं की गाड़ी को एक बार फिर रफ्तार देगी, पर लंबे समय तक यह खुशी पार्टी के चेहरे पर बनी नहीं रह पाई। कांग्रेस ने साल 1991 में आर्थिक सुधारों की नींव रखी थी। पर इस बार कांग्रेस की […]
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मुझे लगता है कि भारत में लोग ‘पीई’ की व्याख्या प्राइवेट इक्विटी की बजाय पर्मानेंट इस्टैब्लिशमेंट से करते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कर निदेशकों से अक्सर मेरी बातचीत में ऐसा कभी-कभार ही होता है जब मुझसे भारतीय पीई के बारे में सवाल नहीं पूछा जाता हो। मुझसे पूछा जाता है कि भारत में लोग पीई […]
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विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) ने कुछ ऐसे कदम उठाए हैं जिन्हें देखकर कहा जा सकता है कि वाणिज्य मंत्री जो कहते हैं उसे पूरा भी करते हैं। पर अभी भी कुछ और कदम उठाए जाने बाकी हैं। इस साल 11 अप्रैल को सालाना विदेश व्यापार नीति पेश करते हुए वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा था […]
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उच्चतम न्यायालय ने खस्ताहाल घोषित किए जा चुके चंपारण शुगर कॉरपोरेशन लिमिटेड की संपत्ति की बिक्री को लेकर उठे विवाद को सुलटा लिया है। बोर्ड ऑफ इंडस्ट्रियल ऐंड फाइनेंशियल रिकंस्ट्रक्शन की ओर से भुगतान के बावजूद 2001 में इसे नीलामी के जरिए बेच दिया गया था। शुरुआत में खरीद के लिए दो प्रमुख दावेदार थे, […]
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