प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर इस पर हस्तक्षेप करने और कार्रवाई का अनुरोध किया। राउत ने ईडी और अन्य एजेंसियों द्वारा सांसदों, उनके रिश्तेदारों, दोस्तों के खिलाफ सत्ता के दुरुपयोग करने का आरोप लगते हुए दावा कि महाराष्ट्र की महाविकास आघाडी सरकार गिराने की साजिश रची रही है लेकिन यह होने वाला नहीं है। नायडू को लिखे पत्र में राउत ने कहा कि अपनी पुरानी सहयोगी भाजपा के साथ गठबंधन तोडऩे के बाद जब शिवसेना ने महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के साथ सरकार बनाई तब से ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां शिवसेना के नेताओं को सुनियोजित रूप से निशाना बना रही हैं। राउत ने नायडू से सत्ता के दुरुपयोग और राज्यसभा सदस्यों को कथित तौर पर परेशान किए जाने के विषय पर ध्यान देने का अनुरोध किया और कहा कि उपराष्ट्रपति को इस संबंध में कार्रवाई करनी चाहिए।
दरअसल ईडी की जांच में पता चला है कि सुजीत पाटकर की वाइन कंपनी मेगपाई डीएफएस प्राइवेट लिमिटेड में संजय राउत की बेटियां उर्वशी और विदिता भी हिस्सेदार हैं। इस मामले की छानबीन के साथ ही ईडी संजय राउत की बेटी की ओर से इस उद्योग में लगाई गई जमापूंजी की भी जांच कर रहा है।