facebookmetapixel
शिक्षा मंत्री का आश्वासन: UGC के नए नियमों से किसी का उत्पीड़न नहीं होगा, हर छात्र को मिलेगा समान न्यायसंसद का बजट सत्र कल से: कामकाज का समय तो बढ़ा, पर विधायी चर्चा और बिलों की संख्या में आई कमीPM मोदी बोले: भारत के उर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश का अवसर, देश बनेगा दुनिया का रिफाइनिंग हबIT पेशेवरों के लिए खुला यूरोप का द्वार: अमेरिका की सख्ती के बीच भारत-EU डील से वीजा की राह आसानइस साल लोग नए पर्यटन स्थलों का करेंगे रुख, लंबे वीकेंड का पूरा फायदा उठाने की योजनाइलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भारत की लंबी छलांग, यूरोप को होने वाले एक्सपोर्ट में 37% की भारी बढ़ोतरीसंसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू, राष्ट्रपति के अभिभाषण और आम बजट पर होगी मुख्य चर्चाIndia-EU 6G Collaboration: तकनीक और विनिर्माण के मेल से संचार क्रांति को मिलेगी नई रफ्तारवस्त्र उद्योग के लिए ‘गेम चेंजर’ हो सकता है EU समझौता, 2030 तक $100 अरब निर्यात का लक्ष्य होगा पूराIndia-EU FTA: भारत-ईयू में बड़ा करार, बढ़ेगा साझा व्यापार; 2 अरब लोगों के बाजार तक पहुंच

सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने के लिए चर्चा करें ग्लोबल साउथ के देश: पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने दूसरे ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ में कहा कि कोविड-19 महामारी के संकट और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित किया है।

Last Updated- November 17, 2023 | 7:34 PM IST
चीनी निवेश पर सरकार के रुख में बदलाव नहीं, इकनॉमिक सर्वे एक स्वतंत्र रिपोर्ट: पीयूष गोयल, No rethinking on support for Chinese for investments in India: Piyush Goyal

ग्लोबल साउथ के देशों को सप्लाई चेन को खुला, सुरक्षित, विश्वसनीय और न्यायसंगत बनाने के तरीकों पर चर्चा करने की जरूरत है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को यह बात कही।

उन्होंने दूसरे ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ में कहा कि कोविड-19 महामारी के संकट, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित किया है।

गोयल ने कहा कि इन व्यवधानों ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, जीवनयापन की लागत और सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि जैसी बड़ी चुनौतियां पैदा की हैं। उन्होंने कहा, “हम अपनी आपूर्ति शृंखलाओं को खुला, सुरक्षित, विश्वसनीय, स्थिर और न्यायसंगत बनाने के लिए ग्लोबल साउथ के देशों के साथ सहयोग और कार्य करने के तरीकों और साधनों पर चर्चा करना चाहेंगे, जिससे वे अधिक जुझारू बन सकें।”

उन्होंने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान इन श्रृंखलाओं को जुझारू और समावेशी बनाने के लिए वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (जीवीसी) के मानचित्रण के लिए जी-20 सामान्य ढांचे को अपनाया गया था।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि यह रूपरेखा इस बात को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है कि कैसे ग्लोबल साउथ के देश न केवल जीवीसी का एक अभिन्न अंग बन सकते हैं बल्कि लोगों के लिए अधिक समृद्धि लाने के लिए मूल्य श्रृंखला में भी आगे बढ़ सकते हैं।

First Published - November 17, 2023 | 7:34 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट