facebookmetapixel
Advertisement
Cyient buyback: ₹720 करोड़ का बायबैक, फिर भी शेयर गिरा; Cyient में क्या चल रहा है?Infosys Share: मुनाफा बढ़ने के बावजूद 4% लुढ़का, बेच कर निकल लें; होल्ड करें या BUY का मौका?ईरान में बदली ताकत की तस्वीर: सुप्रीम लीडर नाम का, जनरल ले रहे फैसले₹4200 करोड़ का बड़ा निवेश! भारत में बनेगा सोलर हबClassic Legends: अमेरिका से हटकर यूरोप की ओर बढ़ी कंपनीफरवरी में बढ़ी विदेशी निवेश की आवक, शुद्ध एफडीआई फिर हुआ सकारात्मकअप्रैल में निजी क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार, पीएमआई 58.3 पर पहुंचाआर्टिफिशल इंटेलिजेंस चुनौती भी और एक बहुत बड़ा अवसर भी: Nasscom अध्यक्ष2027 के मध्य तक पूरी होगी दक्षिण कोरिया से समझौते पर बात : गोयलकेजरीवाल की सुनवाई वाली पोस्ट हटाए एक्स: अदालत

Maharashtra crops damaged: कृषि नुकसान का ई पंचनामा करेगी महाराष्ट्र सरकार

Advertisement
Last Updated- April 26, 2023 | 10:06 AM IST
मुफ्त बिजली, फसल सब्सिडी और प्याज महाबैंक की सौगात से किसानों की नाराजगी दूर करने का प्रयासMaharashtra: Effort to remove farmers' anger with Mahabank's gift of free electricity, crop subsidy and onion

Maharashtra crops damaged: प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले नुकसान का पंचनामा समय पर किया जाए और पंचनामा को लेकर किसानों की शिकायत आने न पाए, इसके लिए आने वाले जून से ई-पंचनामा किया जाएगा। कृषि नुकसान की सटीक जानकारी और जायजा लेने के लिए सैटलाइट और ड्रोन की भी मदद ली जाएगी।

मुंबई में राज्य के विभागीय आयुक्तों और जिला अधिकारियों के एक दिवसीय परिषद कृषि नुकसान और किसानों को समय पर भुगतान मिलने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मानवीय हस्तक्षेप से बचते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी) की मदद से मोबाइल फोन के माध्यम से ई-पंचनामा किया जाएगा।

किसानों को पारदर्शी तरीके से और तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए सर्वेक्षण के लिए उपग्रहों (सैटेलाइट) और ड्रोन की मदद से एक कम्प्यूटरीकृत प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। पिछले कुछ सालों से लगातार किसान जलवायु परिवर्तन, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और सूखे जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। हालांकि स्थायी खेती के लिए कई उपाय हैं, फिर भी किसानों को सरकार से अधिकारपूर्ण मदद की जरुरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को दी जाने वाली मदद राशि को बढ़ाया गया है और अब किसानों को एनडीआरएफ (NDRF) की दोगुनी दर से मदद मुहैया कराई जा रही है।

इसके अलावा राज्य आपदा प्रतिसाद कोष से दी जाने वाली मदद की बढ़ी हुई दरों को लागू करने के साथ ही अब किसानों को तीन हेक्टेयर की मर्यादा तक मदद दिया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों के पीछे खड़ी है और उन्हें आधार देना ही हमारा कर्तव्य है। प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना के तहत राज्य सरकार के अनुदान (सब्सिडी) को देने के लिए नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना शुरू की गई है। वहीं किसान अब केवल एक रुपये का भुगतान कर प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं।

जून का महीना शुरू होते ही बिजली गिरने और अत्यधिक गर्मी से होने वाली मौत से बचने के लिए सभी लोग अपने-अपने विभागों और जिलों में आवश्यक सावधानी बरतें। हाल ही में हुए प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान हुए भागों का मदद व पुनर्वास विभाग द्वारा तत्काल पंचनामा तैयार कर लिया गया है। आने वाले समय में हम सभी को सतर्क रहने की जरूरत है, और साथ ही आवश्यक सावधानी बरतने की जरुरत है। इसके अलावा हम सभी को अपना काम जिम्मेदारी से करना है।

उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव के कारण कम बारिश हो सकती है। इसके मद्देनजर संभावित जल संकट और सूखे की परिस्थिति से निपटने के लिए योजना तैयार करने के लिए कहा गया है।

फडणवीस ने कहा कि राज्य में साल 2015 और साल 2018 में सूखा पड़ा था। उस समय सूखे के कारण किन जगहों पर जलसंकट पैदा हुआ था, किन जगहों पर पशुओं के लिए चारा डीपो शुरु किया गया था, ऐसी जगहों की मैपिंग कर संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी करने को कहा गया है।

Advertisement
First Published - April 26, 2023 | 10:06 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement