facebookmetapixel
Advertisement
निफ्टी के उतार-चढ़ाव के बीच NTPC और CPSE ETF में बना मौका, ब्रोकरेज ने बताए टारगेटFractal Analytics IPO GMP: फ्लैट लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहे शेयर, निवेश का आज आखिरी मौका; सब्सक्राइब करें ?अब आधार से बनेगा स्टार्टअप इकोसिस्टम! UIDAI शुरू कर सकता है खास फंडबजाज ऑटो, टाटा स्टील और डीमार्ट- तीनों में उछाल की तैयारी? मोतीलाल ओसवाल ने बताए टारगेटStock Market Today: ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव, एशिया में तेजी; जानें भारतीय बाजार पर क्या होगा असरStocks To Watch Today: Apollo, Hindustan Zinc, Coal India समेत आज इन शेयरों पर रखें नजरअब पैकेट बंद खाने पर रहेगी चीनी, नमक और वसा के मात्रा की चेतावनी, SC ने FSSAI को लगाई कड़ी फटकारबारामती हादसे के बाद DGCA का बड़ा एक्शन: 14 चार्टर विमान कंपनियों का शुरू हुआ ‘स्पेशल सेफ्टी ऑडिट’लोक सभा में थमा एक हफ्ते का गतिरोध, अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने दिया नोटिसमहत्वपूर्ण खनिजों को लेकर नीति आयोग की केंद्र को बड़ी चेतावनी, कहा: पर्यावरण की कीमत पर न हो माइनिंग

रुपया 90 के करीब पहुंचा: RBI की दखल से मामूली सुधार, एशिया में सबसे कमजोर मुद्रा बना

Advertisement

इस साल डॉलर के मुकाबले रुपये में 4.7 फीसदी की गिरावट आ चुकी है और सभी ए​शियाई मुद्राओं में इसका प्रदर्शन सबसे खराब रहा है

Last Updated- December 02, 2025 | 11:26 PM IST
Rupee vs Dollar

रुपये में आज भी गिरावट जारी रही और यह 90 प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया। डीलरों ने कहा कि सट्टेबाजों की शॉर्ट कवरिंग और आयातकों की ओर से डॉलर की मांग के कारण रुपये पर दबाव बना रहा।

कारोबार के दौरान रुपया 89.96 प्रति डॉलर तक गिर गया। बाद में इसने कुछ नुकसान की भरपाई की और कारोबार की समा​प्ति पर 89.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो इसका नया निचला स्तर है। सोमवार को रुपया 89.56 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

डीलरों ने कहा कि संभवत: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर की बिक्री के जरिये मुद्रा बाजार में दखल देने से कारोबार के अंतिम घंटे में रुपये में कुछ सुधार दिखा। 90 प्रति डॉलर बाजार के लिए मनोवैज्ञानिक और तकनीकी बाधा बन गई है। डीलरों ने कहा कि इस स्तर पर केंद्रीय बैंक की मौजूदगी जरूरी है ताकि मुद्रा बाजार में अत्य​धिक उतार चढ़ाव न आए।

कोटक सिक्योरिटीज के जिंस और मुद्रा प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने कहा, ‘90 का स्तर बड़ा मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध है और बाय-स्टॉप ऑर्डर का क्लस्टर शायद इसके ऊपर है। यही वजह है कि रिजर्व बैंक को 90 से नीचे सक्रिय रहना चाहिए। अगर रुपया इससे ऊपर पहुंचा तो वह तेजी से 91 के पार भी जा सकता है।’

इस साल डॉलर के मुकाबले रुपये में 4.7 फीसदी की गिरावट आ चुकी है और सभी ए​शियाई मुद्राओं में इसका प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। एक सरकारी बैंक के एक डीलर ने कहा कि डॉलर की निकासी से रुपये पर दबाव बना रह सकता है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता ने कहा, ‘भारतीय उत्पादों के निर्यात पर अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्क के कारण भी रुपये में नरमी आई है।’

Advertisement
First Published - December 2, 2025 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement