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NLCAT ने व्हाट्सऐप और मेटा के डेटा-शेयरिंग मामले में स्पष्टीकरण याचिका पर सुनवाई पूरी की

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एनसीएलएटी ने व्हाट्सऐप और मेटा के डेटा-शेयरिंग मामले में सीसीआई की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा और कंपनियों को आपत्तियां दर्ज करने के लिए समय दिया

Last Updated- December 02, 2025 | 11:28 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) ने मंगलवार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा व्हाट्सऐप, मेटा डेटा-शेयरिंग मामले में न्यायाधिकरण के 4 नवंबर के फैसले के संबंध में दायर स्पष्टीकरण याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपील अधिकरण से 4 नवंबर के अपने फैसले पर स्पष्टता मांगी थी, जिसने नियामक के उस निर्देश को पलट दिया था जिसमें मेटा और व्हाट्सऐप को पांच साल तक विज्ञापन उद्देश्यों के लिए मेटा समूह की अन्य कंपनियों के साथ उपयोगकर्ता डेटा साझा करने से रोक दिया गया था। अपनी याचिका में प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपील अधिकरण से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि क्या गैर-विज्ञापन डेटा साझाकरण के लिए फैसले में जिन गोपनीयता सुरक्षा उपायों पर जोर दिया गया है वे विज्ञापन के लिए उपयोग किए जाने वाले डेटा पर भी लागू होने चाहिए, क्योंकि फैसला उपयोगकर्ता की सहमति और गोपनीयता पर केंद्रित है।

प्रतिस्पर्धा आयोग ने एनसीएलएटी से जानना चाहा है कि क्या मेटा द्वारा डेटा साझा करने में, चाहे वह विज्ञापनों के लिए हो या अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोगकर्ता की गोपनीयता की उतनी ही मजबूत सुरक्षा, पारदर्शिता और वास्तविक उपयोगकर्ता सहमति है। अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य अरुण बरोका की अध्यक्षता वाले पीठ ने मेटा और व्हाट्सऐप को अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए समय दिया और कंपनियों द्वारा फैसले के गोपनीय अंशों को संपादित करने की मांग वाली एक अलग याचिका पर नोटिस जारी किया।

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First Published - December 2, 2025 | 11:05 PM IST

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