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आईओबी को 213 करोड़ रुपये का मुनाफा

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:31 AM IST

सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) ने दिसंबर 2020 को समाप्त तिमाही में 213 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया। फंसे ऋण (एनपीए) के लिए किए जाने वाले प्रावधान कम होने से बैंक को लाभ हुआ है। बैंक को साल भर पहले 2019-20 की इसी तिमाही में 6,075 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
इस बीच, बैंक के प्रबंधन ने कहा है कि बैंक की बिक्री के बारे में सरकार से उसे कोई निर्देश नहीं मिला है। आईओबी के एमडी एवं सीईओ प्रार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने बिक्री योजना के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘हम इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि तीसरी तिमाही के दौरान बैंक ने अच्छा प्रदर्शन किया और आरबीआई का भरोसा हासिल किया। उन्होंने कहा कि समय आने पर आरबीआई के त्वरित उपचारात्मक कार्रवाई (पीसीए) से बाहर हो जाएंगे। आईओबी वसूली, कम लागत वाली जमा और कम पूंजी खपत वाले अग्रिम पर ध्यान केंद्रित करते हुए पीसीए से बाहर होने की योजना बना रहा है।
तीसरी तिमाही के नतीजे में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान सरकार द्वारा 8,217 करोड़ रुपये के पूंजी झोंके जाने से बैंक को मुनाफा दर्ज करने में मदद मिली। बैंक खुदरा, कृषि, एमएसएमई पर ध्यान केंद्रित करते हुए कॉरपोरेट ऋण में कमी की है जो अब उसके खाते पर करीब 76 फीसदी है। उन्होंने कहा कि करीब 3,000 करोड़ रुपये अथवा 2.5 फीसदी परिसंपत्ति को पुनर्गठित किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि करीब 1,800 करोड़ रुपये का एनपीए समाधान के लिए एनसीएलटी में लंबित है। बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार आया है। 31 दिसंबर, 2020 तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) घटकर 12.19 फीसदी रह गई है जो दिसंबर 2019 में 17.12 फीसदी थी।
सेंट्रल बैंक का शुद्ध लाभ बढ़ा
सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मंगलवार को बताया कि दिसंबर 2020 में समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान उसका शुद्ध लाभ 6.45 फीसदी बढ़कर 165 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय और मार्जिन में सुधार होने से मुनाफे को बल मिला। बैंक ने इससे पिछले साल की समान अवधि में 155 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। बीएसई पर सेंट्रल बैंक का शेयर आज 14.8 रुपये पर लगभग स्थिर रहा। तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय 10.19 फीसदी बढ़कर 2,228 करोड़ रुपये हो गया जो दिसंबर 2019 तिमाही में 2,022 करोड़ रुपये रहा था। शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़कर 2.97 फीसदी हो गया जो एक साल पहले की समान तिमाही में 2.92 फीसदी रहा था। तिमाही के दौरान अन्य स्रोतों से होने वाली आय 38.03 फीसदी घटकर 774 करोड़ रुपये रह गई जो एक साल पहले की समान तिमाही में 1,249 करोड़ रुपये रही थी।

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First Published - February 10, 2021 | 12:15 AM IST

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