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वित्त वर्ष 22 में 5-6 प्रतिशत बढ़ सकती है एनबीएफसी की संपत्ति

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:19 PM IST

वित्त वर्ष 21 में संकुचन या पूर्ववत वृद्धि के बाद अब अगले वित्त वर्ष 2021-22 में एनबीएफसी की संपत्ति वृद्धि सकारात्मक हो सकती है। बहरहाल क्रिसिल के मुताबिक संपत्ति की गुणवत्ता, वित्तपोषण के मसलों और बैंकों से प्रतिस्पर्धा के कारण वृद्धि 5-6 प्रतिशत तक सीमित रहने की संभावना है।
अगले वित्त वर्ष के दौरान एनबीएफसी को निजी बैंकों के हाथों 1 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी गंवानी पड़ सकती है, क्योंकि हाउसिंग व वाहन ऋण में बैंक कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
कुछ सकारात्मक पहलू अब नजर आ रहे हैं। अगर ऐसी  स्थिति बरकरकार रहती है तो अगली कुछ तिमाहियों में भरोसा वापस लौटेगा। गोल्ड लोन बढ़ रहा है, वहीं अन्य क्षेत्रों में वृद्धि कम रहने की संभावना है, जैसा कि पहले देखा गया है। 2014 से 2018 के बीच एयूएम में सालाना 18 प्रतिशत वृद्धि के बाद सितंबर 2018 से रफ्तार कम होने लगी। प्रमुख रूप से वित्तपोषण की चुनौतियों और उसके बाद कोविड-19 के कारण संपत्ति की गुणवत्ता को लेकर चिंता की वजह से ऐसा हुआ है। बहरहाल हाल के महीनों में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। क्रिसिल रेटिंग के अध्यक्ष गुरप्रीत चटवाल ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 10 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसके बावजूद कुल मिलाकर एनबीएफसी क्षेत्र की वृद्धि कम बनी रहने की संभावना है क्योंकि संपत्ति की गुणवत्ता पर महामारी के असर को लेकर वित्तपोषण तक पहुंच अभी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

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First Published - December 11, 2020 | 11:59 PM IST

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