facebookmetapixel
Netflix के भारत में 10 साल: कैसे स्ट्रीमिंग ने भारतीय मनोरंजन उद्योग की पूरी तस्वीर बदल दीEditorial: ट्रंप की नई टैरिफ धमकी से भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों पर गहराया संकटट्रंप को धन्यवाद कि उनकी वजह से वापस आए सुधार‘VB-G Ram Ji’ कानून के बचाव में उतरेंगे केंद्रीय मंत्री और BJP के नेता, विपक्ष के अभियान को देंगे जवाबApple की बड़ी छलांग: भारत से आईफोन निर्यात पहली बार ₹2 लाख करोड़ के पार, PLI स्कीम का असरऑफिस से फैक्ट्री तक कर्मचारियों को पहुंचाने पर उबर का फोकस, कंपनी को दिख रहा यहां बड़ा अवसरबड़े दावे, सीमित नतीजे: AI के दौर में भी कई GCC सिर्फ कॉस्ट सेंटर बनकर रह गए, वैल्यू क्रिएशन से कोसों दूरदोपहिया उद्योग को 2026 में 9 फीसदी तक की ग्रोथ की उम्मीद, GST कटौती के चलते मांग बढ़ने के आसार2032 तक 3-नैनोमीटर चिप बनाएगा भारत, सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनने की हमारी तैयारी: वैष्णवरिकॉर्ड निवेश और मजबूत रिटर्न: सोना-चांदी की तेजी से 2025 में भी मल्टी-ऐसेट फंडों ने दिखाया जलवा

मोबिक्विक ने टाला आरंभिक सार्वजनिक निर्गम

Last Updated- December 11, 2022 | 11:21 PM IST

पेमेंट्स फर्म मोबिक्विक ने अपने शेयरों की सार्वजनिक सूचीबद्धता की योजना को आगे बढ़ा दिया है। कंपनी को 7 अक्टूबर को बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिली थी और शुरू में कंपनी ने नवंबर में शेयर सूचीबद्ध कराने की योजना बनाई थी।
मोबिक्विक का बिजनेस मॉडल फिनटेक कंपनी पेटीएम की तरह है और उसने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के जरिए 1,900 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सेबी के पास आवेदन जमा कराया था।
आईपीओ योजना टाले जाने के बारे में पूछने पर कंपनी ने सीधे-सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लेकिन आधिकारिक बयान में कहा है, कंपनी मजबूत कारोबारी बढ़त देख रही है और लाभ में आने के लिए उसके पास स्पष्ट योजना है और सही समय पर शेयरों को सूचीबद्ध कराया जाएगा। सूत्रों ने कहा, अब कंपनी साल 2022 में शेयर सूचीबद्ध करा सकती है।
मोबिक्विक का यूजर बेस 31 मार्च को 10.1 करोड़ था। मोबिक्विक ने एक बयान में कहा, कंपनी का ध्यान रोजाना के भुगतान की खातिर अभी खरीदो और बाद में भुगतान करो (बीएनपीएल) की योजना पर केंद्रित है और भारत में मार्च 2021 तक पहले से मंजूर उसके बीएनपीएल यूजर्स का आधार 2.23 करोड़ रहा। कंपनी ने हमेशा से ही बढ़त की स्थायी रणनीति अपनाई है।
पेटीएम की खराब सूचीबद्धता के बाद कई निवेशकों और बाजार के सूत्रों का मानना है कि मोबिक्विक की तरफ से सूचीबद्धता में देरी की वजह पेटीएम आईपीओ से जुड़ी घटना हो सकती है। सूचीबद्धता के दिन पेटीएम का शेयर 27 फीसदी टूट गया था। पेटीएम का शेयर आज 10 फीसदी चढ़ा, लेकिन अभी भी यह आईपीओ कीमत से काफी नीचे है।
हालांकि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल उधारी को लेकर आरबीआई की तरफ से किए गए हालिया बदलाव भी मोबिक्विक को लेकर निवेशकों के सतर्क रुख का एक कारण हो सकता है।
आरबीआई वर्किंग ग्रुप की सिफारिश के मुताबिक, गैर-विनियमित इकाइयों की तरफ से दिए जाने वाले कर्ज को रोकने के लिए आरई (विनियमित इकाइयों) को ऐसी इकाइयों के साथ एफएलडीजी (फस्र्ट लॉस डिफॉल्ट गारंटी) जैसी व्यवस्था में शामिल होने की इजाजत नहींं दी जानी चाहिए। आरई किसी गैर-विनियमित इकाई को अपनी बैलेंस शीट के इस्तेमाल की इजाजत न दे।
बाय नाउ पे लेटर सेगमेंट में मोबिक्विक बड़ी कंपनी है और उसके 2.23 करोड़ यूजर हैं। फंडिंग के आखिरी दौर में मोबिक्विक ने अबु धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी से इस साल जून में करीब 2 करोड़ डॉलर जुटाए हैं और उसका मूल्यांकन करीब 75 करोड़ डॉलर है। डीआरएचपी के मुताबिक, फिनटेक फर्म ने वित्त वर्ष 21 में 111.3 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया जबकि वित्त वर्ष 20 व वित्त वर्ष 19 में उसका नुकसान क्रमश: 99 करोड़ रुपये व 147.9 करोड़ रुपये रहा था।

First Published - November 23, 2021 | 11:26 PM IST

संबंधित पोस्ट