facebookmetapixel
फिनटेक के BC नेटवर्क पर RBI की बढ़ सकती है निगरानी, लाइसेंस व्यवस्था पर चल रही चर्चाRBI ने बैंकों को साल भर मजबूत परिचालन अनुशासन और डेटा गवर्नेंस बनाए रखने की सलाह दीवोडाफोन आइडिया को AGR बकाया पर 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलने का अनुमानWindsor बनी 2025 की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार, बिक्री 46,735 वाहन तक पहुंचीगुजरात के खोरज में नया संयंत्र लगाएगी मारुति सुजूकी, 10 लाख कारों की होगी सालाना क्षमताक्लीनर टेक्नॉलजी का उभार: भारत में EV-CNG-हाइब्रिड की हिस्सेदारी तीन साल में हुई दोगुनीमारुति सुजूकी ने इंडियन ऑयल संग किया करार, अब पेट्रोल पंपों पर मिलेगी कार सर्विसिंग की सुविधानेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 11 जनवरी तक करीब 9%बढ़ा, रिफंड घटने से बढ़ा कलेक्शनTCS में कर्मचारियों की संख्या में लगातार गिरावट, तीसरी तिमाही में 11 हजार से ज्यादा कर्मचारी हुए कमकोटक महिंद्रा बैंक ने अनूप कुमार शाह को पूर्णकालिक निदेशक बनाया, नियुक्ति 12 जनवरी से प्रभावी

ग्रोवर मामले पर मंत्रालय की नजर

Last Updated- December 11, 2022 | 8:50 PM IST

कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (एमसीए) फिनटेक यूनिकॉर्न भारतपे बोर्ड में अशनीर ग्रोवर मामले पर नजर बनाए हुए हैं। पिछले सप्ताह ग्रोवर ने अपने परिवार द्वारा कथित तौर पर गलत वित्तीय गतिविधि किए जाने पर चर्चा के लिए बोर्ड बैठक का एजेंडा तैयार करने के कुछ ही मिनटों के अंदर प्रबंध निदेशक और बोर्ड निदेशक के पदों से इस्तीफा दे दिया था।  
संदेह के घेरे में आए संस्थापक ने बुधवार को एक संदेश में कहा, ‘मैंने एमसीए को रिपोर्ट नहीं भेजी है। लेकिन मैं एक भारतीय एमडी और शेयरधारक (जिसने कुछ गलत किया हो) के तौर पर एमसीए के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हूं।’ कंपनी ने कंपनी बोर्ड पर एमसीए की सख्ती के बारे में बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा पूछे गए सवालों की पुष्टि नहीं की है।
ग्रोवर के अचानक इस्तीफे के एक सप्ताह बाद, इसे लेकर सवाल पैदा हुए हैं कि क्या कंपनी में उनकी 9 प्रतिशत शेयरधारिता उनकी पूरी नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, ग्रोवर और सह-संस्थापक शाश्वत नकरानी की तीसरे सह-संस्थापक भविक कोलाडिया की हिस्सेदारी में भी कुछ हिस्सा है, वहीं बोर्ड का मानना है कि सह-संस्थापकों को आपस में मिलकर इस मुद्दे को सुलझाना होगा।
हालांकि ग्रोवर ने इन खबरों का खंडन किा है। उनका कहना है, ‘यह हास्यास्पद है। आपको कंपनी से एक आसान सवाल पूछना चाहिए। क्या बोर्ड शेयरधारिता के बारे में आरबीआई से झूठ बोला था?’उन्होंने कहा, ‘मेरे सभी शेयर अपने हैं। भविक कौन है? किसी के पास सुलझाने के लिए कुछ नहीं है।’ इस बीच, ग्रोवर और पत्नी माधुरी जैन की आयकर भुगतान की प्रतियां भी सामने आई हैं। बैंक रसीदों के अनुसार, इन दोनों का वित्त वर्ष 2022 के लिए कुल अग्रिम कर भुगतान 8.2 करोड़ रुपये का है। शुरू में भारतपे के नियंत्रण की कमान संभालने वाली जैन को कंपनी द्वारा संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों के आरोप में निकाल दिया गया था।
ग्रोवर ने इस बारे में कोई बयान देने से इनकार कर दिया है कि क्या आयकर प्राप्तियां असली थीं।
जब ग्रोवर से यह पूछा गया कि क्या उन्होंने अपनी आईपीओ तक हिस्सेदारी बेचने या बनाए रखने की योजना बनाई तो उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘यह इस पर निर्भर करेगा कि कंपनी कैसा प्रदर्शन करती है। जब से मैं इन सब चीजों से बाहर हुआ हैं, तब से दो महीनों में वृद्घि कमजोर पड़ी है। मुझे व्यावसायिक प्रदर्शन और नई उत्पाद पेशकशें देखनी होंगी।’
मंगलवार को नकरानी ने ग्रोवर पर कंपनी के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया था और कहा कि बोर्ड ने पीडब्ल्यूसी रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें पद से हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई की।

First Published - March 9, 2022 | 11:33 PM IST

संबंधित पोस्ट