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बीमा एजेंटों का तय होगा कमीशन!

Last Updated- December 11, 2022 | 4:20 PM IST

बीमा कंपनियों को जल्द ही एजेंटों तथा बिचौलियों को मिलने वाले कमीशन, पारिश्रमिक या पारितोषिक के लिए अपने निदेशक मंडलों से स्वीकृत लिखित नीतियां रखनी पड़ सकती हैं। बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने इस बारे में जारी प्रस्ताव के मसौदे में कहा है कि इन नीतियों की हर साल समीक्षा होगी और भागीदार 14 सितंबर तक अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

मसौदे के मुताबिक सामान्य बीमा योजनाओं के मामले में किसी वित्त वर्ष में सकल लिखित प्रीमियम (जीडब्ल्यूपी) के 20 फीसदी से अधिक कमीशन, पारिश्रमिक या पारितोषिक नहीं दिया जा सकता। केवल स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने वाली कंपनियों की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं पर भी यही नियम लागू होगा। जीवन बीमा पॉलिसी के लिए दो विकल्प दिए गए हैं – कमीशन आईआरडीएआई द्वारा निर्धारित सीमा या बीमा कंपनी के बोर्ड द्वारा तय सीमा के मुताबिक दिया जा सकता है।

नियामक ने कहा है कि बोर्ड द्वारा स्वीकृत कमीशन नीति से एजेंटों का प्रदर्शन इस तरह सुधरना चाहिए, जिससे देश में बीमा की पैठ बढ़े, पॉलिसीधारकों के हित की रक्षा हो और यह कंपनी की कारोबारी रणनीति के अनुरूप हो। 

इस मसौदे का मकसद नियमनों का अधिक पालन सुनिश्चित करना और बीमा कंपनियों को उनकी योजनाओं तथा जरूरतों के आधार पर खर्च संभालने की छूट देना है।

First Published - August 24, 2022 | 9:47 PM IST

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