धातु क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने ओडिशा में अपने एल्युमीनियम स्मेल्टर के 21,000 करोड़ रुपये के विस्तार की घोषणा की है। कंपनी ने अपनी दो डाउनस्ट्रीम इकाइयों को भी चालू किया, जो उसकी सबसे बड़ी घरेलू क्षमता वृद्धि में से एक है। संबलपुर में कंपनी के आदित्य एल्युमीनियम परिसर में इन परियोजनाओं का उद्घाटन ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने किया।
धातु क्षेत्र की यह प्रमुख कंपनी 3.6 लाख टन प्रति वर्ष की प्राथमिक एल्युमीनियम क्षमता जोड़ रही है। साथ ही वह 1.7 लाख टन प्रति वर्ष की फ्लैट-रोल्ड प्रोडक्ट्स (एफआरपी) मिल और भारत के पहले बैटरी-ग्रेड एल्युमीनियम फॉइल संयंत्र को चालू कर रही है, जिस पर 4,500 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
कंपनी ने मंगलवार को एक्सचेंज को भेजी जानकारी में कहा कि बैटरी-फॉइल इकाई तेजी से बढ़ते लीथियम-आयन सेल विनिर्माण उद्योग को सीधे तौर पर आपूर्ति करेगी और 100 गीगावॉट तक के वार्षिक सेल उत्पादन में मददगार साबित हो सकती है। यह विस्तार ओडिशा में हिंडाल्को के 37,000 करोड़ रुपये के निवेश का हिस्सा है और अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम संचालन में पूरे भारत में उसकी 55,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय योजना में योगदान देता है।
कंपनी ने कहा कि इस समय भारत लगभग 40 प्रतिशत फ्लैट-रोल्ड एल्युमीनियम के आयात करता है। ऐसे में बढ़ी हुई एफआरपी क्षमता से आयात निर्भरता को लगभग आधा करने, घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और लागत प्रतिस्पर्धा में सुधार की उम्मीद है। ओडिशा में हिंडाल्को के मौजूदा परिचालन से करीब 23,000 लोगों को रोजगार मिला हुआ है और नई परियोजनाओं से परोक्ष और अपरोक्ष तौर पर 15,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।