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अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान: भारत में शुरू होंगी 50 फैबलेस कंपनियां, चिप डिजाइन का बनेगा ग्लोबल हब

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उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक चिप का इस्तेमाल आधुनिक स्मार्टफोन, उपकरण, रक्षा, अंतरिक्ष और कंप्यूटर सहित उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला में किया जाएगा

Last Updated- January 27, 2026 | 10:00 PM IST
Ashwini Vaishnaw
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव | फाइल फोटो

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत 2032 तक स्वदेश में विकसित और विनिर्मित अत्याधुनिक 3-नैनोमीटर (एनएम) नोड चिप पर काम कर रहा है। वैष्णव ने कहा कि आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर का लगभग 50 प्रतिशत ढांचा (डिजाइन) भारत में तैयार होगा। उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक चिप का इस्तेमाल आधुनिक स्मार्टफोन, उपकरण, रक्षा, अंतरिक्ष और कंप्यूटर सहित उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला में किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि वैश्विक कंपनियों के लिए काम करने वाले सेमीकंडक्टर इंजीनियर आने वाले वर्षों में स्वयं उद्यमी बनेंगे और फेबलेस सेमीकंडक्टर डिजाइन कंपनियां शुरू करेंगे जिससे उन्हें इन उन्नत तकनीक के बौद्धिक संपदा अधिकार से जुड़े स्वामित्व मिल जाएंगे। वैष्णव ने कहा,‘सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में हम भारत में कम से कम 50 फैबलेस कंपनियां शुरू करने की योजना बना रहे हैं।’

वैष्णव ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में सरकार 6 प्रमुख क्षेत्रों के चिप यानी कंप्यूट, रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ), नेटवर्किंग, पावर, सेंसर और मेमरी पर काम करने वाली स्टार्टअप इकाइयों और कंपनियों को प्रोत्साहन पर ध्यान केंद्रित करेगी। 

उन्होंने कहा कि इससे भारत में कंपनियों को इस समय उपलब्ध कुल तकनीकी उत्पादों मे 75 प्रतिशत से अधिक के लिए चिप का विकास नियंत्रित करने की अनुमति मिलेगी। वैष्णव ने फ्लैगशिप डिजाइन लिंक्ड इन्सेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत स्वीकृत 24 चिप डिजाइन कंपनियों और स्टार्टअप इकाइयों के साथ अपनी बैठक के बाद ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि सरकार शोध एवं शिक्षण कार्यों से जुड़े संस्थानों और उद्योग को इन छह प्रमुख श्रेणियों में नए प्रस्ताव, नए विचार, नए समाधान के साथ आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

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First Published - January 27, 2026 | 10:00 PM IST

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