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आसमान में उड़ेगा ‘मेड इन इंडिया’ विमान: अदाणी डिफेंस और ब्राजील की एम्ब्रेयर के बीच ऐतिहासिक समझौता

भारत में स्थापित होने वाली यह पहली कमर्शियल एयरक्राफ्ट फाइनल एसेंबली लाइन (एफएएल) होगी

Last Updated- January 27, 2026 | 9:59 PM IST
Adani Group
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अदाणी डिफेंस ऐंड एरोस्पेस और ब्राजील की क्षेत्रीय विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर ने मंगलवार को भारत में विमान बनाने का संयंत्र लगाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए। भारत में स्थापित होने वाली यह पहली कमर्शियल एयरक्राफ्ट फाइनल एसेंबली लाइन (एफएएल) होगी।

दिल्ली में एम्ब्रेयर कमर्शियल एविएशन के अध्यक्ष और सीईओ अर्जन मेइजर के साथ साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अदाणी डिफेंस ऐंड एरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने कहा, ‘इस समझौते के माध्यम से कंपनियों का लक्ष्य विमान निर्माण, आपूर्ति श्रृंखला, आफ्टरमार्केट सेवाओं और पायलट प्रशिक्षण के अवसरों में सहयोग करना है।’ 

जीत अदाणी ने बताया, ‘हम एफएएल की लोकेशन के लिए कुछ जगहों पर विचार कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में सब कुछ फाइनल हो जाएगा (लोकेशन, कौन से एम्ब्रेयर मॉडल बनाने हैं, वगैरह)। जैसे ही जगह फाइनल होगी, हम साइट पर निर्माण का काम शुरू कर देंगे। आपूर्ति श्रृंखला तैयार है।’

अभी तक, एम्ब्रेयर के एफएएल दो देशों में हैं। ब्राजील में कंपनी अपनी प्रमुख एफएएल साओ जोस डॉस कैंपोस और गावियाओ पेइक्सोटो में चलाती है, जिन पर कमर्शियल एयरक्राफ्ट के साथ-साथ सी-390 मिलेनियम जैसे डिफेंस प्लेटफॉर्म की एसेंबली और फ्लाइट टेस्टिंग का काम होता है। 

जीत अदाणी ने कहा कि अदाणी समूह और एम्ब्रेयर भारत में एफएएल की लोकेशन को अंतिम रूप दे रहे हैं। साथ ही वे भारत में संभावित एयरलाइन ग्राहकों के साथ ऑर्डर के लिए भी बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जब तक विमान एफएएल से बाहर आएंगे, तब तक सब कुछ तैयार हो जाना चाहिए।’

फिलहाल, स्टार एयर भारत में एकमात्र ऐसी एयरलाइन है जो नियमित तौर पर एम्ब्रेयर रीजनल एयरक्राफ्ट का परिचालन करती है, जबकि एम्ब्रेयर इंडिगो और एयर इंडिया जैसी दूसरी एयरलाइंस के साथ भविष्य में संभावित बिक्री या बेड़े के फैसलों पर भी बातचीत कर रही है।  जब मेइजर से पूछा गया कि क्या नई एफएएल की मदद के लिए भारत में एक नई सप्लाई चेन बनाई जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘हम शुरुआत में भारत में फाइनल एसेंबली को सपोर्ट करने के लिए अपनी मौजूदा सप्लाई चेन का इस्तेमाल करेंगे। हम सप्लाई चेन को भी स्वदेशी बनाना चाहते हैं, लेकिन इसमें समय लगेगा।’

नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत में रीजनल एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी की बहुत जरूरत है जो 80-150 सीटों वाले विमान बना सके। उन्होंने कहा कि एम्ब्रेयर की भारतीय एफएएल में बनने वाले विमान निर्यात भी किए जाएंगे।

मंत्री ने कहा कि अदाणी समूह की बड़ी विमानन परियोजनाएं जैसे नवी मुंबई एयरपोर्ट के निर्माण को पूरा करने का पैमाना और क्षमता सराहनीय है और उन्हें इस समूह से बहुत उम्मीदें हैं।

भारत का विमानन बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इसमें घरेलू एयरलाइंस लगभग 800 विमानों के बेड़े का संचालन कर रही हैं और लगभग 1,700 के ऑर्डर दिए हुए हैं। हालांकि, रीजनल एयरक्राफ्ट सेगमेंट अभी भी काफी हद तक अछूता है।

संयुक्त प्रजेंटेशन में, दोनों कंपनियों ने कहा कि क्षेत्रीय विमानन सेवा केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय आर्थिक विकास में उत्प्रेरक की भूमिका निभाती है, जो छोटे शहरों और कम सेवा वाले इलाकों में विकास के महत्त्वपूर्ण कारक के रूप में कार्य करती है।

First Published - January 27, 2026 | 9:59 PM IST

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