facebookmetapixel
NFO: कैसे अलग है जियोब्लैकरॉक का सेक्टर रोटेशन फंड? किसे करना चाहिए निवेश राष्ट्रपति मुर्मू ने गांधी, नेहरू से वाजपेयी तक को किया याद, राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता का आह्वानMaruti Suzuki Q3 Results: मुनाफा 4.1% बढ़कर ₹ 3,879 करोड़, नए लेबर कोड का पड़ा असर; शेयर 1.5% गिरा600% डिविडेंड का ऐलान होते ही मोतीलाल ओसवाल के शेयर में उछाल! रिकॉर्ड डेट जान लीजिएचांदी की तेजी अब ‘बूम’ से ‘सनक’ की ओर? एक्सपर्ट बता रहे क्या करें50% टूट चुके Textile शेयर में लौटेगी तेजी, नुवामा ने कहा – बेहतर स्थिति में नजर आ रही कंपनीअजित पवार का 66 साल की उम्र में निधन: 1991 में पहली बार जीता लोकसभा चुनाव, समर्थकों में ‘दादा’ के नाम से लोकप्रियIndia-EU ट्रेड डील पर मार्केट का मिक्स्ड रिएक्शन! ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?Budget Expectations: बजट में बड़ा ऐलान नहीं, फिर भी बाजार क्यों टिका है इन सेक्टरों परBudget 2026: राष्ट्रपति ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, कहा – EU से डील सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को देगा रफ्तार

अगले कुछ वर्षों के दौरान भारत में 1 अरब डॉलर निवेश करेगी इलाई लिली

कंपनी का कहना है कि यह नया केंद्र पूरे भारत में लिली के अनुबंध निर्माण नेटवर्क के लिए उन्नत तकनीकी क्षमताएं और निगरानी प्रदान करेगा।

Last Updated- October 06, 2025 | 11:32 PM IST

अमेरिकी फार्मा कंपनी इलाई लिली ने स्थानीय दवा निर्माताओं के जरिये अनुबंध निर्माण और आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए अगले कुछ वर्षों के दौरान भारत में 1 अरब डॉलर से अ​धिक निवेश की घोषणा की है। कंपनी अपने वै​श्विक निर्माण का दायरा बढ़ाने के लिए कुशल कर्मियों पर ध्यान दे रही है।

इस निवेश में हैदराबाद में एक निर्माण और वैश्विक दवा आपूर्ति केंद्र की स्थापना शामिल है। कंपनी ने कहा, ‘यह नया केंद्र पूरे भारत में लिली के अनुबंध निर्माण नेटवर्क के लिए उन्नत तकनीकी क्षमताएं और निगरानी प्रदान करेगा।’

इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में कुशल प्रतिभा पूल का लाभ उठाकर कंपनी के वैश्विक विनिर्माण विकास को मजबूत बनाना तथा दुनियाभर के मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराना है। कंपनी ने कहा, ‘इन सुविधाओं और निवेश से मधुमेह और मोटापे, अल्जाइमर रोग, कैंसर और इम्युनिटी संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए संभावित नई दवाओं के विकास को बढ़ावा मिलेगा।’

लिली ने कहा कि इसके लिए भर्ती तुरंत शुरू होगी, जिसमें इंजीनियर, केमिस्ट, विश्लेषणात्मक वैज्ञानिक, गुणवत्ता नियंत्रण और एश्योरेंस पेशेवर तथा प्रबंधन पदों के लिए रिक्तियां होंगी।

फार्मा कंपनी की भारत में लंबे समय से उपस्थिति रही है, जिसमें गुरुग्राम में एक वाणिज्यिक साइट और बेंगलूरु और हैदराबाद में विशेष साइटें शामिल हैं जो वैश्विक नवाचार का समर्थन करने वाले केंद्र के रूप में काम करती हैं।

हैदराबाद में यह नया निवेश शहर में एक वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) के उद्घाटन के ठीक एक साल बाद हुआ है। दवा निर्माता कंपनी पहले ही वैश्विक स्तर पर सुविधाओं के निर्माण, विस्तार और अधिग्रहण के लिए 55 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है।

इलाई लिली के कार्यकारी उपाध्यक्ष और लिली इंटरनैशनल के अध्यक्ष पैट्रिक जॉनसन ने कहा कि कंपनी दुनिया भर में विनिर्माण और दवा आपूर्ति क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा निवेश कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मरीजों को उनकी जरूरत की दवाएं मिल सकें।

First Published - October 6, 2025 | 10:51 PM IST

संबंधित पोस्ट