मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने मंगलवार, 27 जनवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने शेयरधारकों को ₹6 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने की घोषणा की है। यह फैसला कंपनी के बोर्ड ने Q3 FY26 के नतीजों के साथ लिया। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह डिविडेंड ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर दिया जाएगा।
कंपनी ने डिविडेंड के लिए 31 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के शेयर रजिस्टर में दर्ज होंगे, वही इस अंतरिम डिविडेंड के हकदार होंगे।
दिसंबर तिमाही में मोतीलाल ओसवाल का कंसॉलिडेटेड मुनाफा ₹566 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के लगभग बराबर है। यानी सालाना आधार पर मुनाफे में खास बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, कंपनी की आय में सुधार देखने को मिला। Q3 FY26 में कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹2,112 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹1,993 करोड़ थी।
इस दौरान कंपनी का EBITDA 4 फीसदी से ज्यादा बढ़कर ₹1,105 करोड़ रहा, लेकिन मार्जिन में हल्की गिरावट दर्ज की गई। EBITDA मार्जिन 53.3 फीसदी से घटकर 52.3 फीसदी रह गया, जिससे लागत के दबाव के संकेत मिलते हैं।
कंपनी के एसेट मैनेजमेंट कारोबार ने शानदार प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट में मुनाफा सालाना आधार पर 65 फीसदी बढ़कर ₹227 करोड़ पहुंच गया। म्यूचुअल फंड और प्राइवेट इनवेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के चलते कंपनी का कुल AUM बढ़कर ₹1.89 लाख करोड़ हो गया।
प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार में मुनाफा ₹82 करोड़ रहा और AUM में 31 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। वहीं वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट में कंपनी ने ₹181 करोड़ का मुनाफा कमाया, जहां ब्रोकरेज और डेरिवेटिव कारोबार में बाजार हिस्सेदारी मजबूत बनी रही।
कैपिटल मार्केट्स कारोबार से मुनाफा 15 फीसदी बढ़कर ₹70 करोड़ रहा। IPO और QIP सेगमेंट में कंपनी की स्थिति मजबूत रही। हाउसिंग फाइनेंस कारोबार में भी सुधार जारी रहा और मुनाफा बढ़कर ₹42 करोड़ पहुंच गया।
डिविडेंड और नतीजों की घोषणा के दिन मोतीलाल ओसवाल का शेयर बाजार में दबाव में रहा। बुधवार को यह शेयर BSE पर 7.64 फीसदी चढ़कर ₹790 पर ट्रेड कर रहा था