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नहीं भाया ‘आइडिया’

Last Updated- December 07, 2022 | 12:41 PM IST

आइडिया सेल्यूलर और स्पाइस टेलिकॉम के बीच प्रस्तावित विलय सौदे पर तलवार लटक सकती है।


दूरसंचार विभाग (डॉट) इस मामले की जांच कर सकता है कि प्रस्तावित सौदे से इंट्रा सर्किल मर्जर नियमों और लाइसेंस प्रावधानों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि 25 जून को आइडिया की ओर से घोषणा की गई थी कि उसने स्पाइस टेलिकॉम के 40.8 फीसदी शेयर की खरीदारी की है और भविष्य में वह दोनों कंपनियों का विलय करेगी।

डॉट के सूत्रों का कहना है कि 22 अप्रैल, 2008 में विलय और अधिग्रहण नियमों में संशोधन किया गया था। इसके तहत समान सर्किल में सेवा प्रदान करने वाली दो कंपनियां तीन साल तक विलय की घोषणा नहीं कर सकती हैं।

उल्लेखनीय है कि स्पाइस कम्युनिकेशंस को कर्नाटक और पंजाब सर्किल में जीएसएम सेवा के लिए लाइसेंस मिला हुआ है, जबकि आइडिया को भी इस सर्किल के लिए 25 जनवरी, 2008 को लाइसेंस जारी किया गया है। ऐसे में नियमानुसार, तीन से पहले दोनों कंपनियों का विलय नहीं हो सकता है। जानकारों के मुताबिक, अगर दोनों कंपनियों का विलय होता है, तो विलय और अधिग्रहण नियम के प्रावधान 17 का उल्लंघन माना जा सकता है।

इसी तरह आइडिया को दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाण और महाराष्ट्र सर्किल के लिए सीएमटीएस लाइसेंस मिला हुआ है, जबकि स्पाइस को इन सकलों में सेवा शुरू करने के लिए यूएएस लाइसेंस दिया गया है। ऐसे में नियम के मुताबिक, इन सर्किलों में भी दोनों कंपनियों का विलय संभव नहीं है। डॉट अधिकारियों का कहना है कि आइडिया ने स्पाइस टेलिकॉम में बीके मोदी की 40.8 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। जबकि नियम के मुताबिक, समान सर्किल में किसी दूरसंचार कंपनी के पास अन्य कंपनी का 10 फीसदी से ज्यादा शेयर नहीं होना चाहिए। ऐसे में विभाग इस मामले की भी जांच कर सकता है।

डॉट अधिकारियों ने यह भी बताया कि स्पाइस की ओर से कहा गया है कि अगर एक साल के दौरान विलय संभव नहीं हो पाता है, तो कंपनी महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, दिल्ली और हरियाण सर्किल के लिए जारी लाइसेंस सरकार को सौंप देगी, ताकि सौदा पूरा हो सके। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस समझौते में इस बात का जिक्र नहीं है कि लाइसेंस लेने के बाद उसे वापस किया जा सकता है।

दूसरे शब्दों में कहें, तो विभाग लाइसेंस के लिए कंपनी की ओर से जमा की गई राशि वापस नहीं करेगा। ऐसे में स्पाइस के पास यही रास्ता बचता है कि वह इसे बेच दे या फिर लाइसेंस फीस को भूल जाए। आइडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि अभी तक दूरसंचार विभाग से ऐसी कोई पूछ-ताछ नहीं की गई है। हालांकि उन्होंने बताया कि कंपनी विलय सौदे को नियमानुसार भी अंजाम देगी।

दोनों कंपनियों के विलय पर लटकी दूरसंचार विभाग की तलवार
नियम उल्लंघन की जांच की हो रही है तैयारी
विलय की पहल करते हुए आइडिया ने स्पाइस टेलिकॉम के खरीदे थे 40.8 फीसदी शेयर

First Published - July 21, 2008 | 2:07 AM IST

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